संवाद सहयोगी, पलवल : वर्ष 2011 में फर्जी तरीके से नियुक्त हुए जेबीटी (जूनियर बेसिक टीचर)
शिक्षकों में दो और शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
अब जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर कैंप थाना पुलिस ने पदम ¨सह व उमेश
के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
इससे पहले मामले में हसनपुर थाना पुलिस ने 23, हथीन थाना पुलिस ने 22, सदर थाना पुलिस ने 15, चांदहट थाना पुलिस ने 29, नगर थाना पुलिस ने दो व होडल थाना पुलिस छह जेबीटी शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। ये सभी शिक्षक उक्त थाना क्षेत्रों में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में तैनात हैं।
जांच में उक्त शिक्षकों के अंगूठे के निशान व हस्ताक्षर पात्रता परीक्षा के समय दिए गए अंगूठे के निशान व हस्ताक्षर से नहीं मिले थे। मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय इस मामले में इन शिक्षकों को दोषी ठहरा चुका है, साथ ही प्रदेश सरकार को इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दे चुका है। कुछ तकनीकी कारणों के चलते विभाग अब तक इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करा सका था।
क्या था मामला
बता दें कि वर्ष 2011 में शिक्षकों के 8285 पदों पर हुई भर्ती में फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आने पर नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि शिक्षा बोर्ड ने राज्यस्तरीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (एसटेट) का आयोजन किया था। इसके लिए जारी प्रॉस्पेक्टस में साफ लिखा था कि परीक्षा की उत्तर पुस्तिका पर अंगूठे के निशान व फार्म पर लिए अंगूठे के निशान का मिलान कर ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद इस जांच को किए बिना ही प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। परीक्षा में कई छात्रों ने अपनी जगह दूसरे को बैठाकर परीक्षा पास की थी। अदालत के आदेश पर पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने संदेह के घेरे में आने वाले 6049 शिक्षकों के अंगूठे के निशान का मिलान कराया। हस्ताक्षर लेकर उन्हें जांच के लिए मधुबन फोरेंसिक लैब भेजा गया। 1885 शिक्षकों के अंगूठे व हस्ताक्षर फर्जी पाए गए।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
इससे पहले मामले में हसनपुर थाना पुलिस ने 23, हथीन थाना पुलिस ने 22, सदर थाना पुलिस ने 15, चांदहट थाना पुलिस ने 29, नगर थाना पुलिस ने दो व होडल थाना पुलिस छह जेबीटी शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। ये सभी शिक्षक उक्त थाना क्षेत्रों में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में तैनात हैं।
जांच में उक्त शिक्षकों के अंगूठे के निशान व हस्ताक्षर पात्रता परीक्षा के समय दिए गए अंगूठे के निशान व हस्ताक्षर से नहीं मिले थे। मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय इस मामले में इन शिक्षकों को दोषी ठहरा चुका है, साथ ही प्रदेश सरकार को इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दे चुका है। कुछ तकनीकी कारणों के चलते विभाग अब तक इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करा सका था।
क्या था मामला
बता दें कि वर्ष 2011 में शिक्षकों के 8285 पदों पर हुई भर्ती में फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आने पर नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि शिक्षा बोर्ड ने राज्यस्तरीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (एसटेट) का आयोजन किया था। इसके लिए जारी प्रॉस्पेक्टस में साफ लिखा था कि परीक्षा की उत्तर पुस्तिका पर अंगूठे के निशान व फार्म पर लिए अंगूठे के निशान का मिलान कर ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद इस जांच को किए बिना ही प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। परीक्षा में कई छात्रों ने अपनी जगह दूसरे को बैठाकर परीक्षा पास की थी। अदालत के आदेश पर पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने संदेह के घेरे में आने वाले 6049 शिक्षकों के अंगूठे के निशान का मिलान कराया। हस्ताक्षर लेकर उन्हें जांच के लिए मधुबन फोरेंसिक लैब भेजा गया। 1885 शिक्षकों के अंगूठे व हस्ताक्षर फर्जी पाए गए।
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