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रमसा स्कीम में किये गये पीजीटी नाराज

कुरुक्षेत्र : हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के 7223 पीजीटी शिक्षकों को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के अंतर्गत करने और इन शिक्षकों का वेतन प्लान स्कीम की बजाय रमसा के बजट से देने का प्रावधान  करने से इन शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है। इतना ही नहीं इनमें से सैंकड़ों को पिछले कई-कई माह का वेतन न मिलने के कारण भी इनमें रोष व्याप्त है। अपनी इन दोनों समस्याओं को लेकर इन पीजीटी शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से लेकर कई राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुका है लेकिन अभी तक इनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। 
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संजीव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी सारी बात सुनने के बाद उन्हें जल्द ही समस्या दूर करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने मुख्यमंत्री से चण्डीगढ़ जाकर एक ज्ञापन दिया था और मुख्यमंत्री ने इस मामले में जिन अधिकारियों से बात करने के लिए कहा था उन अधिकारियों से भी उनकी लम्बी बातचीत चली थी लेकिन अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है।
इन भुगतभोगी शिक्षकों ने बताया कि पूर्व की सरकार के समय दिसम्बर 2013 एवं अगस्त 2014 में 9545 पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के दिन से लेकर फरवरी 2015 तक इन शिक्षकों का वेतन तथा अन्य सभी सुविधाएं विभाग के प्लान मद से मिलता था। लेकिन अप्रैल 2015 में इनमें से 7223 को रमसा के अंतर्गत कर दिया गया और इनका वेतन भी रमसा द्वारा ही दिए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्हें रमसा के अंतर्गत करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया जबकि उनकी नियुक्ति में कहीं भी रमसा का उल्लेख नहीं है। उन्हें रमसा के अंदर बिना बताए ही कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वे उसी दिन से शिक्षा विभाग और सरकार के सामने अपनी गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें रमसा के अंतर्गत न किया जाए लेकिन आज तक उनकी किसी ने नहीं सुनी। अब मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को जल्द ही मान लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन पीजीटी शिक्षकों को रमसा के अंतर्गत किया गया है उनमें से लगभग 600 शिक्षकों के वेतन भी पिछले तीन माह से नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बार-बार यही कहा जाता है कि रमसा का बजट आने पर उनका वेतन दे दिया जाएगा। लेकिन अभी तक उनका वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि केवल वेतन ही नहीं बल्कि समय-समय पर जो एरियर बनता है उसका भी भुगतान नहीं होता।
कुरुक्षेत्र और अम्बाला जिले में भी काफी ऐसे पीजीटी हैं जिनका पिछले दो या तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इतना ही नहीं रमसा के अंतर्गत लगे पीजीटी का एलटीसी भी नहीं मिल रहा है जबकि प्लान वाले पीजीटी का एलटीसी मिल चुका है। उनकी मांग है कि   उन्हें जल्द से जल्द एलटीसी, वेतन और एरियर दिलवाने के साथ-साथ प्लान स्कीम के अंतर्गत उसी प्रकार किया जाए जिस प्रकार उनके नियुक्ति पत्रों में लिखा हुआ है। 

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