जासं, चंडीगढ़ : साल 2000 में चौटाला शासनकाल में भर्ती 3206 जेबीटी टीचरों को मंगलवार को भी राहत नहीं मिल पाई। सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई 21 जनवरी तक स्थगित कर दी। बता दें कि एकल बेंच ने इनकी नियुक्ति रद कर दी थी।प्रभावित टीचरों की वकील ने जस्टिस एसके मित्तल पर आधारित डिवीजन बेंच को बताया कि इस मामले में शुरू से ही हरियाणा सरकार व डिवीजन बेंच का यह रुख रहा है कि इन जेबीटी टीचरों को काम करते हुए 15 साल हो गए हैं, ऐसे में इनको हटाना ठीक नहीं है। कोई समाधान निकाला जाए ताकि ये टीचर बेरोजगार न हों। इससे पहले भी हरियाणा सरकार ने कोर्ट द्वारा हटाए कर्मचारियों को दूसरी जगहों पर समायोजित किया था। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही किया जाए। प्रभावित टीचरों के वकील की दलील का विरोध करते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस भर्ती में धांधली हुई है। सीबीआइ ने अपनी जांच में यह साबित भी कर दिया और मुख्य आरोपियों पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला व अन्य को इस केस में मिली सजा को सुप्रीम कोर्ट ने बहाल रखा है, ऐसे में इन टीचरों को नौकरी पर कैसे रखा जा सकता है।
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