; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

जेबीटी मामले में सीएफएसएल ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की रिपोर्ट

हरियाणा में जेबीटी के 9455 पदों पर भर्ती की मेरिट में अतिरिक्त अंकों को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाती याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार सीएफएसएल ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है।
हरियाणा में जेबीटी के 9455 पदों पर भर्ती की मेरिट में अतिरिक्त अंकों को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाती याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार सीएफएसएल ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है। अब इस रिपोर्ट पर 31 मार्च को बहस होगी।

सीएफएसएल को निर्देश दिया गया था कि वह भर्ती के रिकार्ड से पैन ड्राइव में मौजूद कंप्यूटर में फीड परिणाम का मिलानकर रिपोर्ट सौंपे। हाईकोर्ट ने कंप्यूटरों की जांच दोबारा कराने की मांग ठुकरा दी थी।

मंगलवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि एचएसएससी ने एक कंप्यूटर और दिया है। हाईकोर्ट ने यह कंप्यूटर भी सीएफएसएल को देने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि डायरेक्टर मौलिक शिक्षा एमएल कौशिक ने एडिशनल एफिडेविड देकर कहा था कि परिणाम का रिकार्ड हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) को सौंप दिया गया था।

यह दस्तावेज तत्कालीन शिक्षक भर्ती बोर्ड के रिकार्ड कीपर की ओर से सौंपा गया बताया जा रहा है। इसी बीच एचएसएससी ने कहा था कि शिक्षक भर्ती बोर्ड के गोपनीय क्लर्क मनोज को बोर्ड भंग होने के बाद एचएसएससी में ही नियुक्ति दे दी गई थी और रिकार्ड उसी के पास रहा।

यह भी बताया गया कि इस दौरान एचएसएससी की ओर से रिकार्ड लेने की प्रक्रिया अपनानेे की जरूरत नहीं पड़ी। हाईकोर्ट ने शपथ पत्र रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई स्थगित कर दी थी।

उस वक्त सामने आया था कि कंप्यूटर में फीड परिणाम पैन ड्राइव में भी संभाल कर रखा गया है। इससे असल रिकार्ड का मिलान कराने पर सच सामने आ जाएगा।

उधर, याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कंप्यूटरों की जांच दोबारा कराने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि जब एक बार जांच में कुछ पता नहीं लग पाया तो दोबारा जांच का औचित्य नहीं है। इस ऑब्जर्वेशन के साथ पैन ड्राइव से मूल रिकार्ड का मिलान कर सीएफएसएल से अगली सुनवाई पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।                            
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news