अध्यापक संघ करेगा शिक्षा सदन पंचकूला का घेराव
** हरियाण विद्यालय अध्यापक संघ की बैठक में लिया फैसला
** शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई
फतेहाबाद : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ खंड कार्यकारिणी की बैठक प्रधान सुरजीत दुसाद की अध्यक्षता में हुई। संचालन सचिव सुमेर आर्य ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए दुसाद
ने कहा कि 4 मई को पंचकूला स्थित शिक्षा निदेशालय पर मास डेपूटेशन हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के नेतृत्व में जाएगा। 5 सितंबर 2015 को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की उपस्थिति में संघ के साथ बैठक की और 10 दिसम्बर 2015 को शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव ने भी दोनों निदेशकों की उपस्थिति में संगठन के साथ बातचीत की। दोनों बैठकों में अनेक सहमतियां भी बनी परंतु खेद है कि अभी तक अनेक मुद्दों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। अध्यापकों के लगभग 35 हजार पद खाली हैं। 3 हजार से अधिक अतिथि अध्यापकों को फालतू कहकर नौकरी से बाहर कर दिया गया है। 9500 अध्यापक पिछले डेढ़ साल से नियुक्ति की इंतजार में है। उन्हें कार्य ग्रहण नहीं करवाया जा रहा है। जो अध्यापक विभाग में हैं, उन्हें कई अन्य कार्यों में उलझाकर बच्चों के पास कक्षा कक्ष में नहीं जाने दिया जा रहा। सरकार व विभाग खुलेआम शिक्षा को सिकोड़ रहे रहा है। जिलों में अनेक खाली पद होते हुए भी अंतर जिला स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। संघ की मांग है कि नई नियुक्तियों से पहले अंतर जिला स्थानांतरण किया जाए। सभी पदोन्नतियां शीघ्र की जाए। प्राईमरी स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षा शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने फिर भी अध्यापकों की मांगें नहीं मानी तो संघ आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होगा।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
** हरियाण विद्यालय अध्यापक संघ की बैठक में लिया फैसला
** शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई
फतेहाबाद : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ खंड कार्यकारिणी की बैठक प्रधान सुरजीत दुसाद की अध्यक्षता में हुई। संचालन सचिव सुमेर आर्य ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए दुसाद
ने कहा कि 4 मई को पंचकूला स्थित शिक्षा निदेशालय पर मास डेपूटेशन हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के नेतृत्व में जाएगा। 5 सितंबर 2015 को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की उपस्थिति में संघ के साथ बैठक की और 10 दिसम्बर 2015 को शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव ने भी दोनों निदेशकों की उपस्थिति में संगठन के साथ बातचीत की। दोनों बैठकों में अनेक सहमतियां भी बनी परंतु खेद है कि अभी तक अनेक मुद्दों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। अध्यापकों के लगभग 35 हजार पद खाली हैं। 3 हजार से अधिक अतिथि अध्यापकों को फालतू कहकर नौकरी से बाहर कर दिया गया है। 9500 अध्यापक पिछले डेढ़ साल से नियुक्ति की इंतजार में है। उन्हें कार्य ग्रहण नहीं करवाया जा रहा है। जो अध्यापक विभाग में हैं, उन्हें कई अन्य कार्यों में उलझाकर बच्चों के पास कक्षा कक्ष में नहीं जाने दिया जा रहा। सरकार व विभाग खुलेआम शिक्षा को सिकोड़ रहे रहा है। जिलों में अनेक खाली पद होते हुए भी अंतर जिला स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। संघ की मांग है कि नई नियुक्तियों से पहले अंतर जिला स्थानांतरण किया जाए। सभी पदोन्नतियां शीघ्र की जाए। प्राईमरी स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षा शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने फिर भी अध्यापकों की मांगें नहीं मानी तो संघ आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होगा।
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