जागरण संवाददाता, भिवानी: जिला मौलिक मुख्याध्यापकों और प्लान के तहत आने वाले शिक्षकों की ¨चता
गहराती जा रही है। पिछले दो माह से उनको वेतन नहीं मिला है। मार्च और
अप्रैल माह में होने वाले स्पेशल खर्चे ने तो उनकी नींद उड़ाई हुई है। ऐसे
में उनको समझ नहीं आ रहा है कि वे क्या करें।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मार्च और अप्रैल माह की प्लान के तहत आने वाले मिडिल स्कूल, हाई स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत मौलिक मुख्य अध्यापक और प्लान के तहत आने वाले शिक्षकों का दो माह का वेतन अटका है। इसके लिए कारण यह माना जा रहा है कि अभी तक प्लान की अथॉरिटी नहीं आई है।
मार्च और अप्रैल माह के खर्चो ने उड़ाई नींद
कई शिक्षकों की मानें तो मार्च और अप्रैल के स्पेशल खर्चो ने तो उनकी नींद उड़ाई हुई है। कहीं घर के लिए अनाज खरीदना, पशुओं के लिए चारे का प्रबंध करना, बच्चों के दाखिले, उनकी कापी किताबें आदि न जाने क्या क्या खर्चे हैं। वे करें तो भी क्या करें। साल के सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इन दो महीनों में आम तौर से सबसे ज्यादा खर्चा होता है। इन्हीं दो माह की तनख्वाह ना मिले तो कैसे हालात होते हैं इसका खुद ब खुद अंदाजा लगाया जा सकता है।
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वर्जन
मार्च और अप्रैल माह में हर घर में सबसे ज्यादा खर्चा होता है। इन्हीं दो माह का वेतन मौलिक मुख्याध्यापकों और प्लान के तहत आने वाले शिक्षकों को नहीं मिला। शिक्षा विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द उनके वेतन के लिए प्रबंध किए जाएं।
जयवीर नाफरिया, प्रदेश प्रवक्ता, हरियाणा एलीमेंटरी हेडमास्टर एसोसिएशन
बजट नहीं आने की वजह से ही अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। उम्मीद है जल्द ही बजट आ जाएगा। यह मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।
-कांता सांगवान, बीईओ
भिवानी।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मार्च और अप्रैल माह की प्लान के तहत आने वाले मिडिल स्कूल, हाई स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत मौलिक मुख्य अध्यापक और प्लान के तहत आने वाले शिक्षकों का दो माह का वेतन अटका है। इसके लिए कारण यह माना जा रहा है कि अभी तक प्लान की अथॉरिटी नहीं आई है।
मार्च और अप्रैल माह के खर्चो ने उड़ाई नींद
कई शिक्षकों की मानें तो मार्च और अप्रैल के स्पेशल खर्चो ने तो उनकी नींद उड़ाई हुई है। कहीं घर के लिए अनाज खरीदना, पशुओं के लिए चारे का प्रबंध करना, बच्चों के दाखिले, उनकी कापी किताबें आदि न जाने क्या क्या खर्चे हैं। वे करें तो भी क्या करें। साल के सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इन दो महीनों में आम तौर से सबसे ज्यादा खर्चा होता है। इन्हीं दो माह की तनख्वाह ना मिले तो कैसे हालात होते हैं इसका खुद ब खुद अंदाजा लगाया जा सकता है।
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वर्जन
मार्च और अप्रैल माह में हर घर में सबसे ज्यादा खर्चा होता है। इन्हीं दो माह का वेतन मौलिक मुख्याध्यापकों और प्लान के तहत आने वाले शिक्षकों को नहीं मिला। शिक्षा विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द उनके वेतन के लिए प्रबंध किए जाएं।
जयवीर नाफरिया, प्रदेश प्रवक्ता, हरियाणा एलीमेंटरी हेडमास्टर एसोसिएशन
बजट नहीं आने की वजह से ही अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। उम्मीद है जल्द ही बजट आ जाएगा। यह मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।
-कांता सांगवान, बीईओ
भिवानी।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC