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स्टाफ की लेटलतीफी, डिजिटल प्रोजेक्ट में रोड़ा

मोहित धुपड़। हरियाणा शिक्षा विभाग डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम बढ़ा चुका है। विभाग अब पूरे प्रदेश में अपने स्टाफ का डाटा ऑनलाइन करने जा रहा है। क्लर्क से लेकर शिक्षक व प्राध्यापक तक, डायरेक्टर से लेकर डीईओ, डीईईओ व प्रिंसिपल तक और हेड टीचर से लेकर मुख्य अध्यापक तक सभी का प्रोफाइल डाटा ऑनलाइन किया जाना है।

इसके लिए हरियाणा शिक्षा विभाग के आईटी सैल ने सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को प्रपत्र भेजकर उनसे अप्रैल तक ओवरऑल शिक्षा स्टाफ का डाटा (पर्सनल व सर्विस प्रोफाइल) का ऑनलाइन फीड करने के निर्देश दिए थे।

इसके लिए बकायदा एक साफ्टवेयर भी तैयार किया गया है, जिसमें सभी स्टाफ कर्मियों को अपना प्रोफाइल डॉटा फीड करना था। उसके बाद ऑनलाइन ही इस डॉटा को संबंधित कर्मचारी की हॉयर अथारिटी ने वेरीफाई करना था। उसके बाद संबंधित कर्मचारी का पूरा सर्विस व पर्सनल प्रोफाइल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन हो जाना था।

लेकिन हैरानी की बात यह कि अप्रैल के बाद मई भी गुजर गया है, लेकिन अभी तक पूरे प्रदेश में करीबन तीन हजार शिक्षा कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने ये डॉटा ही ऑनलाइन नहीं किया है। जिस वजह से ये महत्वकांक्षी परियोजना फिलहाल लटकी हुई है।

इसलिए महत्वपूर्ण है योजना
इस योजना के तहत जब सभी कर्मचारियों को इसका पहला फायदा ये होगा कि कर्मचारी ऑनलाइन ही अपना सारा रिकार्ड कभी भी एक क्लिक पर देख सकेगा। जबकि दूसरा फायदा यह होगा कि संबंधित कर्मचारी के बारे में कोई भी फैसला लेने के लिए विभाग को भी कर्मचारी की पर्सनल व सर्विस रिकार्ड की फाइलें नहीं खंगालनी पड़ेंगी।

शिक्षा विभाग के आला अफसर ऑनलाइन ही कर्मचारियों का प्रोफाइल चैक कर उससे संबंधित कई तरह के विभागीय फैसले आसानी से और जल्दी ले सकेंगे। लेकिन हजारों कर्मचारियों की लेटलतीफी की वजह से शिक्षा निदेशालय का आईटी सैल इस परियोजना को सिरे नहीं चढ़ा पा रहा है।

लेटलतीफी में डीईओ, डिप्टी डीईओ व हेडटीचर भी शामिल
हैरानी की बात यह है कि पूरे प्रदेश में जिन करीबन तीन हजार स्टाफ कर्मियों की वजह से ये प्रोजेक्ट लटका हुआ है,  उसमें शिक्षा विभाग के केवल शिक्षक व क्लर्क ही नहीं, बल्कि डीईओ, डिप्टी डीईओ समेत हैडटीचर तक शामिल है। जिन्होंने अभी तक निर्देशों के बावजूद भी अपना सर्विस व पर्सनल प्रोफाइल को ऑनलाइन इनिशिएट नहीं किया है। अब फिर से सभी जिलों के डीईओ व डीईईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अपने जिलों का पेडिंग डॉटा इनिशिएट करवाएं।

अंबाला में अधिकतर शिक्षा कर्मचारियों व अफसरों ने अपना पर्सनल व सर्विस प्रोफाइल को ऑनलाइन इनिशिएट कर लिया है। कुछ केस बाकी है, उन्हे भी जल्द ही पूरा करवाकर अंबाला की पेंडेंसी खत्म करवाई जाएगी।
-उमा शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला-

हैड आफिस के केस ही सबसे ज्यादा पेडिंग


जिला            पेडिंग केस

अंबाला        132
भिवानी        211
चंडीगढ़        135
फरीदाबाद        84
फतेहाबाद        90
गुडग़ांव        105
शिक्षा निदेशालय    228
हिसार            144
झज्जर            126
जींद            147
कैथल            109
करनाल        132
कुरुक्षेत्र        97
महेंद्रगढ़        111
मेवात            211
पलवल        82
पंचकूला        64
पानीपत        103
रेवाड़ी            105
रोहतक        75
सिरसा            143
सोनीपत        111
यमुनानगर        75
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