; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

दो आदेश मिलने से अध्यापक पसोपेश में

ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर अध्यापकों में स्कूलों से संबंधित कुछ सरकारी फरमानों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। जिससे सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को और विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। न सिम आए और न कंप्यूटर टीचर

दरअसल, विभाग ने एमएईएस डाटा अपटेड करने के आदेेश तो दे दिए, मगर इसके लिए स्कूलों में जरूरी संसाधन हैं ही नहीं। न तो स्कूल इंफारमेशन मैनेजर (सिम) हैं और न कंप्यूटर टीचर हैं। प्रदेश के सभी 900 सिम की अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद सरकार ने नए सिम नहीं लगाए हैं। अब स्कूल प्रमुखों के समक्ष यह है कि एमआईएस डाटा कैसे कप्लीट करें। करीब साढ़े तीन साल पहले राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत लगाए गए सिम अब तक स्कूलों की धुरी बन चुके थे। अब बिना पूर्व विकल्प के उन्हें हटाने से समस्या तो खड़ी होनी ही थी। इनके अलावा 2600 कंप्यूटर टीचर और इतने ही लैब सहायकों का अनुबंध समाप्त होने के बाद इनका विकल्प भी सरकार अभी तक नहीं दे पाई है। इनके जाने से आनलाइन सेवाओं का कोई रखवाला नहीं रहा। सोमवार को अधिकतर स्कूलों में सिम पहुंचे जरूर, लेकिन उच्च आदेशों के चलते स्कूल प्रमुखों ने उनको हाजरी नहीं लगाने दी, इसलिए उन्होंने काम नहीं किया। ऐेसे में कैसे पूरा होगा एमआईआस डाटा?

यहां भी लग रहा आदेश पर पलीता
मंत्री व अफसरों में तालमेल के अभाव का एक बड़ा उदाहरण और है। पिछले दिनों सरकार ने 2293 टीजीटी को पदोन्नत कर पीजीटी तो बना दिया। आनन-फानन में दिए गए स्टेशनों को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया। इसको लेकर अध्यापक शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मिले तो उन्होंने पदोन्नति के आदेश रद्द कर दोबारा काउंसिलिंग की घोषणा कर दी। मगर विभाग के अधिकारी आज भी पदोन्नत अध्यापकों को पहले आदेशों के मुताबिक ही कार्य ग्रहण करा रहे हैं। हालांकि यह जरूर कहा गया है कि स्टेशन से कोई पीडीटी संतुष्ट नहीं है तो एमआईएस पोर्टल पर अपनी आईडी से तबादले का आप्शन भर सकता है। इसको भरकर अपने डीडीओ से अप्रूव कराना भई जरूरी है। इसके लिए भी केवल 27 व 27 जून का वक्त दिया गया। यानी जो अध्यापक 28 की शाम तक यह नहीं कर पाएंगे। उन्होंने पदोन्नति से मिले स्टेशन पर ही जाना होगा। 27 की शाम तक एमआईएस पोर्टल खराब था। इसमें काफी डाटा गायब था। जिससे नहीं लगता कि 30 तक पीजीटी की ज्वाइनिंग हो जाएगी।

स्वतंत्र प्राथमिक स्कूलों का अधिक बुरा हाल
एमआईएस डाटा पूरा करने में सबसे ज्यादा परेशानी उन स्कूलों के प्रशासन को आ रही है जो स्वतंत्र हैं। इन स्कूलों में कंप्यूटर, कंप्यूटर टीचर और लैब सहायक में से कुछ नहीं है। ऊपर से बिजली संकट की वजह से असहनीय गर्मी में काम नहीं हो पाता। जिससे अध्यापकों को बाजार में साइबर कैफे का रुख करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि आजकल शिक्षा विभाग में अव्यवस्था का जो आलम है, वो शायद ही कहीं देखने को मिले। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो सरकार के डईम प्रोजेक्ट .नई तबादला नीति. की सफलता पर सवालिया निशान लगना लाजमी है। अध्यापक नेता आरके सिंह का कहना है इन सारे हालात को देखते हुए लगता है कि शिक्षा विभाग में सब कुछ ठीकठाक नहीं चल रहा। जिस ढंग से काम चल रहा है, उससे तो लगता है कि विभाग का 15 जुलाई तक ये सारे मामले ठीक हो जाने का दावा ही फ्लाप साबित हो जाए और इन कार्यों में हफ्तों का ज्यादा समय लग जाए।
Sponsored link : सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news