चंडीगढ़ के 110 गवर्नमेंट स्कूलों में पंजाब, हरियाणा और
हिमाचल से डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों को झटका देने वाली खबर है। प्रमोशन
पाने के लिए शिक्षकों को अब अपने राज्य में वापस लौटना होगा।
यूटी प्रशासन वर्षों से डेपुटेशन पर डटे शिक्षकों
को चंडीगढ़ में प्रमोशन का लाभ नहीं देगा। ऐसा होने से यूटी के शिक्षकों
की प्रमोशन का मामला फंस जाता है। यूटी प्रशासन जल्द ही इस संबंध में नोटिस
जारी करेगा। शहर के सरकारी स्कूलों में इस समय 500 से अधिक जेबीटी, टीजीटी, लेक्चरर और
प्रिंसिपल डेपुटेशन पर तैनात हैं। जिसमें 60 फीसदी पंजाब, 40 फीसदी हरियाणा
और कुछ हिमाचल से हैं। नियमों के तहत शिक्षकों की डेपुटेशन चंडीगढ़ शिक्षा
विभाग में पांच साल के लिए होती है। लेकिन अधिकतर शिक्षकों को 10 से 20
साल चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर काम करते हो गए हैं।
डेपुटेशन पर आए कई शिक्षक प्रमोशन के बाद भी चंडीगढ़ में तैनात हो जाते हैं। लेकिन कुछ रोज पहले ही शिक्षा विभाग ने 6 शिक्षकों को डेपुटेशन का लाभ लेने के लिए वापस जाने के निर्देश जारी कर दिए। इन शिक्षकों को पंजाब में वापस भेज दिया गया है। अब अन्य शिक्षकों पर भी यही रूल लागू होगा।
10 साल से जमे शिक्षकों की लिस्ट हो रही तैयार
शिक्षा विभाग में 2015 में करीब 1200 शिक्षकों की नई भर्ती की गई है। जिससे शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हुई है। ऐसे में शिक्षा विभाग अब 10 वर्ष से अधिक समय से डेपुटेशन पर कार्यरत शिक्षकों को वापस भेजने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में सभी स्कूलों से रिकॉर्ड तलब किया जा रहा है। शिक्षक ही नहीं लंबे समय से एक स्कूल में तैनात प्रिंसिपल का भी रिकॉर्ड तैयार करने को कहा गया है।
यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन के स्वर्ण सिंह कंबोज के अनुसार डेपुटेशन शिक्षकों के लिए यूटी प्रशासन को नियम कड़े करने चाहिए। कई शिक्षक तो 15 वर्षों से चंडीगढ़ के स्कूलों में डेपुटेशन पर जमे हैं। यूटी प्रशासन ने हाल ही में कुछ टीचर्स को उनके स्टेट में भेजकर अच्छा काम किया है। यूटी के शिक्षकों की प्रमोशन भी रुकी हुई है।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
डेपुटेशन पर आए कई शिक्षक प्रमोशन के बाद भी चंडीगढ़ में तैनात हो जाते हैं। लेकिन कुछ रोज पहले ही शिक्षा विभाग ने 6 शिक्षकों को डेपुटेशन का लाभ लेने के लिए वापस जाने के निर्देश जारी कर दिए। इन शिक्षकों को पंजाब में वापस भेज दिया गया है। अब अन्य शिक्षकों पर भी यही रूल लागू होगा।
10 साल से जमे शिक्षकों की लिस्ट हो रही तैयार
शिक्षा विभाग में 2015 में करीब 1200 शिक्षकों की नई भर्ती की गई है। जिससे शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हुई है। ऐसे में शिक्षा विभाग अब 10 वर्ष से अधिक समय से डेपुटेशन पर कार्यरत शिक्षकों को वापस भेजने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में सभी स्कूलों से रिकॉर्ड तलब किया जा रहा है। शिक्षक ही नहीं लंबे समय से एक स्कूल में तैनात प्रिंसिपल का भी रिकॉर्ड तैयार करने को कहा गया है।
यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन के स्वर्ण सिंह कंबोज के अनुसार डेपुटेशन शिक्षकों के लिए यूटी प्रशासन को नियम कड़े करने चाहिए। कई शिक्षक तो 15 वर्षों से चंडीगढ़ के स्कूलों में डेपुटेशन पर जमे हैं। यूटी प्रशासन ने हाल ही में कुछ टीचर्स को उनके स्टेट में भेजकर अच्छा काम किया है। यूटी के शिक्षकों की प्रमोशन भी रुकी हुई है।