रोहतक। उच्च
शिक्षा निदेशालय ने ग्रेड पे कम करने के आदेश देते हुए विश्वविद्यालयों के
गैर शिक्षक कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। निदेशालय ने सहायक
कर्मचारियों का ग्रेड पे 3600 से कम कर 3200 करने के लिए विवि प्रशासन को
पत्र जारी किया है। इसके खिलाफ केयू और एमडीयू के कर्मचारियों ने भी बिगुल
बजा दिया है।
अगर ये आदेश लागू हो गए तो सहायक कर्मचारियों को मासिक वेतन में दो हजार से आठ हजार रुपये का नुकसान होगा। कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है और प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन को छह माह का नोटिस दिया है। इसके बावजूद निदेशालय ने ग्रेड पे कम करने के आदेश दिए हैं, जो कि कोर्ट की अवमानना होगी।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार ने 1-1-2006 में विवि के सहायक कर्मचारियों का वेतन 3600 से 3200 पे ग्रेड करने का फैसला लिया था। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह विवि के सहायकों का वेतन सचिवालय के सहायकों के बराबर न करके प्रदेश के अन्य विभागों के बराबर करना था।
इस फैसले के खिलाफ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और एमडीयू विश्वविद्यालय के सभी गैर शिक्षक कर्मचारी खड़ हो गए। हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रहे इस केस की सुनवाई 29 जुलाई को हुई। दावा है कि इसमें सहायक कर्मचारियों के हक में ही फैसला आया कि जब राज्यपाल कमेटी ने वेतन बढ़ा दिया है तो इसे कम न किया जाए।
इसके लिए प्रदेश सरकार और दोनों विवि के प्रशासन को जवाब देने के लिए छह माह का नोटिस दिया गया। अब इसकी अगली सुनवाई सितंबर में होगी।
आदेशों का किया गया पालन
सरकार के आदेशों का पालन किया गया है। इस फैसले पर आगामी समय में जो भी प्रक्रियाएं चलेगी और आदेश आएंगे। उन्हें पूरा किया जाएगा।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
अगर ये आदेश लागू हो गए तो सहायक कर्मचारियों को मासिक वेतन में दो हजार से आठ हजार रुपये का नुकसान होगा। कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है और प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन को छह माह का नोटिस दिया है। इसके बावजूद निदेशालय ने ग्रेड पे कम करने के आदेश दिए हैं, जो कि कोर्ट की अवमानना होगी।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार ने 1-1-2006 में विवि के सहायक कर्मचारियों का वेतन 3600 से 3200 पे ग्रेड करने का फैसला लिया था। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह विवि के सहायकों का वेतन सचिवालय के सहायकों के बराबर न करके प्रदेश के अन्य विभागों के बराबर करना था।
इस फैसले के खिलाफ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और एमडीयू विश्वविद्यालय के सभी गैर शिक्षक कर्मचारी खड़ हो गए। हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रहे इस केस की सुनवाई 29 जुलाई को हुई। दावा है कि इसमें सहायक कर्मचारियों के हक में ही फैसला आया कि जब राज्यपाल कमेटी ने वेतन बढ़ा दिया है तो इसे कम न किया जाए।
इसके लिए प्रदेश सरकार और दोनों विवि के प्रशासन को जवाब देने के लिए छह माह का नोटिस दिया गया। अब इसकी अगली सुनवाई सितंबर में होगी।
आदेशों का किया गया पालन
सरकार के आदेशों का पालन किया गया है। इस फैसले पर आगामी समय में जो भी प्रक्रियाएं चलेगी और आदेश आएंगे। उन्हें पूरा किया जाएगा।