शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद भी सभी अनुमोदित कार्य ज्यों का त्यों रहेंगे
चंडीगढ़ : हरियाणा माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अध्यापकों के वर्तमान स्थानांतरणों या किसी अन्य स्थानांतरण के फलस्वरूप प्रतिपूर्ति के भुगतान, वेतन वृद्घि प्रदान करने और सुनिश्चित आजीविका वृद्घि (एसीपी) के संबंध में नए कार्यालय द्वारा पूर्ववर्ती कार्यालयों के सभी अनुमोदित कार्यों को ज्यों का त्यों माना जाएगा।
विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया कि विभिन्न अध्यापकों से प्राप्त शिकायतों में ये देखने में आया है कि पूर्ववर्ती कार्यालयों द्वारा अवकाश प्रदान करने, प्रतिपूर्ति के भुगतान, वेतन वृद्घि प्रदान करने और सुनिश्चित आजीविका वृद्घि (एसीपी) जैसी सेवा से संबंधित कार्यवाही को स्थानांतरित अध्यापक के नए कार्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। नए कार्यालयों के कुछ मुखियाओं के इस रवैये के कारण ऐसे अध्यापकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तक अवकाश अर्थात अर्जित अवकाश, चाइल्ड केयर लीव और मेडिकल लीव की बात है, यदि कोई कर्मचारी पहले से छुट्टी पर है और उसका स्थानांतरण ‘क’ स्टेशन से ‘ख’ स्टेशन पर हो जाता है और वह अपने स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण कर लेता है तो वह सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले से स्वीकृत किए गए शेष अवकाश ले सकता है। इसी प्रकार, यदि कोई कर्मचारी ‘क’ स्टेशन पर छुट्टी पर है तो वह अपना अवकाश वेतन ‘क’ स्टेशन से ही प्राप्त करेगा। स्थानांतरण के फलस्वरूप ‘ख’ स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात स्वीकृत छुट्टी के संबंध में मुिखया को सूचना देने के पश्चात वह अपना वेतन ‘ख’ स्टेशन से प्राप्त करेगा।
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चंडीगढ़ : हरियाणा माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अध्यापकों के वर्तमान स्थानांतरणों या किसी अन्य स्थानांतरण के फलस्वरूप प्रतिपूर्ति के भुगतान, वेतन वृद्घि प्रदान करने और सुनिश्चित आजीविका वृद्घि (एसीपी) के संबंध में नए कार्यालय द्वारा पूर्ववर्ती कार्यालयों के सभी अनुमोदित कार्यों को ज्यों का त्यों माना जाएगा।
विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया कि विभिन्न अध्यापकों से प्राप्त शिकायतों में ये देखने में आया है कि पूर्ववर्ती कार्यालयों द्वारा अवकाश प्रदान करने, प्रतिपूर्ति के भुगतान, वेतन वृद्घि प्रदान करने और सुनिश्चित आजीविका वृद्घि (एसीपी) जैसी सेवा से संबंधित कार्यवाही को स्थानांतरित अध्यापक के नए कार्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। नए कार्यालयों के कुछ मुखियाओं के इस रवैये के कारण ऐसे अध्यापकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तक अवकाश अर्थात अर्जित अवकाश, चाइल्ड केयर लीव और मेडिकल लीव की बात है, यदि कोई कर्मचारी पहले से छुट्टी पर है और उसका स्थानांतरण ‘क’ स्टेशन से ‘ख’ स्टेशन पर हो जाता है और वह अपने स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण कर लेता है तो वह सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले से स्वीकृत किए गए शेष अवकाश ले सकता है। इसी प्रकार, यदि कोई कर्मचारी ‘क’ स्टेशन पर छुट्टी पर है तो वह अपना अवकाश वेतन ‘क’ स्टेशन से ही प्राप्त करेगा। स्थानांतरण के फलस्वरूप ‘ख’ स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात स्वीकृत छुट्टी के संबंध में मुिखया को सूचना देने के पश्चात वह अपना वेतन ‘ख’ स्टेशन से प्राप्त करेगा।