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मुख्याध्यापकों को पदावनत करने के आदेश का विरोध

मुख्याध्यापकों को पदावनत करने के आदेश का विरोध
रोहतक : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा 860 मुख्याध्यापकों को पदावनत करने के आदेश जारी करने पर कड़ा विरोध जताया। संघ ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय द्वारा इन आदेशों पर रोक लगा रखी है, जिससे इनका औचित्य ही नहीं बनता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन आदेशों में कार्यभार मुक्त मुख्याध्यापकों को कहाँ भेजा जाए इस बारे भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ सम्बद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं एसटीएफआई के बैनर तले जिला रोहतक के मुख्याध्यापक, मुख्याध्यापिकाएं मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। संघ के राज्य उपप्रधान बलजीत सिंह मुख्याध्यापक ने बताया कि बैठक में 10 अगस्त 2016 को निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा जारी उस पत्र पर विरोध जताया गया, जिसमें 860 मुख्याध्यापकों को पदावनत आदेश जारी किए गए थे जो कि बिल्कुल गलत थे क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इन आदेशों पर रोक लगा रखी है। खण्ड शिक्षा अधिकारी रोहतक, कलानौर, लाखन माजरा, महम व सांपला ने मुख्याध्यापकों को तुरन्त प्रभाव से कार्यभार मुक्त होकर निदेशक मौलिक शिक्षा कार्यालय पंचकूला में रिपोर्ट करने के आदेश दिए हैं जो कि सरासर गलत है।
… तो होगा आंदोलन
बलजीत सिंह ने कहा कि अतिरिक्त शिक्षा सचिव व निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि 16 अगस्त 2016 को ये आदेश वापस ले लिए जाएंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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