; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

गैरशैक्षणिक कार्यो में लगे शिक्षक, पढ़ाई पर असर

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद: सरकारी स्कूल के शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो में लगाए जाने से स्कूल की कक्षाएं प्रभावित हो रही है। विशेष बच्चों के प्रशिक्षण शिविर खत्म होने के बाद अब शिक्षकों की ड्यूटी वोट बनाने में लगा दी गई है। ऐसे में अधिकतर सरकारी स्कूलों में कक्षाएं खाली जा रही हैं।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस मामले में एतराज जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज कौशिक को ज्ञापन सौंपा है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रधान चतर ¨सह ने बताया कि हर बार खराब परीक्षा परिणाम आने पर शिक्षकों पर ठीकरा फोड़ दिया जाता है। हमेशा शिक्षकों पर ही कार्रवाई की जाती है। कभी भी शिक्षा निदेशालय इसके पीछे के परिणाम जानने का प्रयास नहीं करता है। चतर ¨सह ने बताया कि पढ़ाई के समय शिक्षा निदेशालय की ओर से दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इसमे सभी सरकारी स्कूलों से तीन-तीन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। शिक्षक एक सप्ताह तक प्रशिक्षण व्यस्त रहे। इससे बच्चों की कक्षाएं पूरी तरह से खाली रही। अब शिक्षकों की ड्यूटी वोट बनाने में लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले से ही सरकारी स्कूल में स्टाफ की कमी है। ऐसे में शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज कौशिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से हटाकर कक्षाओं में भेजा जाए।
Sponsored link : सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news