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कॉलेज के समान पाठ्यक्रम पढ़ेंगे एसओएल के विद्यार्थी

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों व स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) का पाठ्यक्रम एक समान होने जा रहा है। बीते साल तक अलग-अलग पाठ्यक्रम पढ़ा एक समान डिग्री दे रहे दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस दिशा में एकरूपता की ओर कदम बढ़ा दिया है।
विश्वविद्यालय के कॉलेजों में लागू च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) का पाठ्यक्रम सत्र 2016-17 से एसओएल में भी लागू हो रहा है जिसके लिए अध्ययन सामग्री तैयार करने का काम जारी है। जल्द ही यह ऑनलाइन विद्यार्थियों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
एसओएल और नियमित कॉलेज में अलग-अलग पाठ्यक्रम की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे थे। कहा जा रहा था कि एक डिग्री और अलग-अलग पाठ्यक्रम कै से उचित है, जिसके बाद से एक समान पाठ्यक्रम की व्यवस्था को लागू करने की दिशा में एसओएल प्रशासन की ओर से प्रयास जारी थे। एसओएल में ग्रेजुएशन के स्तर पर पांच पाठ्यक्रम बीए प्रोग्राम, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान उपलब्ध है। इन सभी पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अब सीबीसीएस का पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। यानी इस सत्र में दाखिला लेने वाले प्रथम वर्ष के करीब एक लाख 37 हजार विद्यार्थी वही पाठ्यक्रम पढ़ेंगे जोकि डीयू के रामजस, हंसराज व हंिदूू आदि किसी अन्य कॉलेज के विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
कैंपस ऑफ ओपन लनिर्ंग के निदेशक प्रो. सीएस दुबे ने बताया कि सीबीसीएस पाठ्यक्रम सत्र 2016-17 से एसओएल में भी लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तैयार हो रही है। 15 अक्टूबर तक विद्यार्थियों को 70 से 80 फीसद तक अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सीबीसीएस की व्यवस्था लागू होने से एसओएल के विद्यार्थी भी वहीं पाठ्यक्रम पढ़ेंगे जोकि डीयू के किसी भी अन्य कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। यानी समान डिग्री और समान पाठ्यक्रम की व्यवस्था लागू हो रही है। प्रो. दुबे ने कहा कि जहां तक परीक्षा की बात है तो कॉलेजों में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं से इतर एसओएल में पूर्व की तरह ही वार्षिक परीक्षा की व्यवस्था ही लागू रहेगी।
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