जागरण संवाददाता, होडल : शिक्षा विभाग ने फरमान तो जारी कर दिए, पर
गुरु जी सभी विद्यार्थियों तक सूचना नहीं पहुंचा पाए। नतीजा यह रहा कि
सोमवार को सरदार पटेल जयंती पर एकता के लिए दौड़ का अधिकांश बच्चे हिस्सा
नहीं बन पाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न स्कूलों में तो मुख्य
द्वार के ताले ही नहीं खुले।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक(शैक्षणिक)की ओर से 19 अक्टूबर को यह निर्देश जारी किए गए थे कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती पर खंड के प्रमुख विद्यालय को चुन कर वहां कम से कम 500 बच्चों का कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें शुरू में बच्चों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई जाए और उसके बाद रन फॉर यूनिटी यानी एकता के लिए दौड़ कराई जाए। इधर संयोगवश 30 अक्टूबर को दीपावली थी और उसके अगले दो दिनों में गोवर्धन पूजा व भैया दूज की छुट्टी होती है। पलवल जैसे ग्रामीण बाहुल्य जिले में तो यह दोनों पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं।
इधर सोमवार को पटेल जयंती पर शहरी इलाकों में स्थित सरकारी विद्यालयों में तो बच्चों की संख्या ठीक-ठीक देखी गई, पर कई दूरदराज इलाकों में स्थित स्कूलों में संख्या नाममात्र की रही। होडल के राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर चार में 476 छात्रों में से करीब 90 छात्र ही विद्यालय पहुंचे। इसी प्रकार राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर एक में 206 छात्रों में केवल 60 बच्चे ही पहुंचे। जहां सरकारी विद्यालयों में ना तो छात्र मौजूद थे और ना ही अध्यापक मौजूद थे। कई सरकारी विद्यालयों में तो कमरों के ताले खोले ही नहीं गए थे। सोमवार का दिन होने के बावजूद विद्यालयों मे पड़ी कुर्सियों खाली पड़ी मिलीं और सन्नाटा पसरा मिला। कुछ विद्यालयों में तो ताले ही नहीं खुले।
इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से जब बात की गई, तो उनका जवाब था कि ग्रामीण इलाकों में बिजली ही नहीं होती, तो इंटरनेट कहां से चले। ई-मेल के माध्यम से ही सूचना भेजी गई, जो सभी को नहीं मिल पाई। ऐसे में बच्चों को कहां से सूचित करते। दूसरा गोवर्धन पूजा प्रमुख पर्व है, इसलिए भी बच्चे नहीं आए। यही कुछ स्थिति मंगलवार को हरियाणा दिवस पर पड़े भैया दूज वाले दिन भी देखने को मिल सकती है। इसदिन हरियाणा दिवस के मौके पर सरकारी विद्यालयों से प्रभात फेरी निकाली जानी है।
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मुझे इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। अगर किसी विद्यालय में छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं हैं, तो उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
-सुखबीर ¨सह तंवर, खंड शिक्षा अधिकारी, होडल।
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हमें समय पर सूचना मिल गई थी और कार्यक्रम बेहतर तरीके से आयोजित किया गया। प्रभात फेरी का आयोजन भी बढि़या होगा।
-बलबीर ¨सह बड़गूजर, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहरवां।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यिमक विद्यालय पलवल में अच्छा आयोजन हुआ है। इस बात की जांच कराई जाएगी कि कौन-कौन से विद्यालयों में कार्यक्रम नहीं हुए।
-अशोक बघेल, खंड शिक्षा अधिकारी।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक(शैक्षणिक)की ओर से 19 अक्टूबर को यह निर्देश जारी किए गए थे कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती पर खंड के प्रमुख विद्यालय को चुन कर वहां कम से कम 500 बच्चों का कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें शुरू में बच्चों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई जाए और उसके बाद रन फॉर यूनिटी यानी एकता के लिए दौड़ कराई जाए। इधर संयोगवश 30 अक्टूबर को दीपावली थी और उसके अगले दो दिनों में गोवर्धन पूजा व भैया दूज की छुट्टी होती है। पलवल जैसे ग्रामीण बाहुल्य जिले में तो यह दोनों पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं।
इधर सोमवार को पटेल जयंती पर शहरी इलाकों में स्थित सरकारी विद्यालयों में तो बच्चों की संख्या ठीक-ठीक देखी गई, पर कई दूरदराज इलाकों में स्थित स्कूलों में संख्या नाममात्र की रही। होडल के राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर चार में 476 छात्रों में से करीब 90 छात्र ही विद्यालय पहुंचे। इसी प्रकार राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर एक में 206 छात्रों में केवल 60 बच्चे ही पहुंचे। जहां सरकारी विद्यालयों में ना तो छात्र मौजूद थे और ना ही अध्यापक मौजूद थे। कई सरकारी विद्यालयों में तो कमरों के ताले खोले ही नहीं गए थे। सोमवार का दिन होने के बावजूद विद्यालयों मे पड़ी कुर्सियों खाली पड़ी मिलीं और सन्नाटा पसरा मिला। कुछ विद्यालयों में तो ताले ही नहीं खुले।
इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से जब बात की गई, तो उनका जवाब था कि ग्रामीण इलाकों में बिजली ही नहीं होती, तो इंटरनेट कहां से चले। ई-मेल के माध्यम से ही सूचना भेजी गई, जो सभी को नहीं मिल पाई। ऐसे में बच्चों को कहां से सूचित करते। दूसरा गोवर्धन पूजा प्रमुख पर्व है, इसलिए भी बच्चे नहीं आए। यही कुछ स्थिति मंगलवार को हरियाणा दिवस पर पड़े भैया दूज वाले दिन भी देखने को मिल सकती है। इसदिन हरियाणा दिवस के मौके पर सरकारी विद्यालयों से प्रभात फेरी निकाली जानी है।
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मुझे इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। अगर किसी विद्यालय में छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं हैं, तो उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
-सुखबीर ¨सह तंवर, खंड शिक्षा अधिकारी, होडल।
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हमें समय पर सूचना मिल गई थी और कार्यक्रम बेहतर तरीके से आयोजित किया गया। प्रभात फेरी का आयोजन भी बढि़या होगा।
-बलबीर ¨सह बड़गूजर, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहरवां।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यिमक विद्यालय पलवल में अच्छा आयोजन हुआ है। इस बात की जांच कराई जाएगी कि कौन-कौन से विद्यालयों में कार्यक्रम नहीं हुए।
-अशोक बघेल, खंड शिक्षा अधिकारी।
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