जेबीटी भर्ती घोटाले में पुलिस जांच तेज होने के बाद शहर
के चार शिक्षकों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी ये साफ नहीं
है कि चारों ने इस तरह अचानक इस्तीफा क्यों दे दिया है। इस्तीफा देने वाले
चारों शिक्षकों से पुलिस अब पूछताछ करने की तैयारी में है।
एजुकेशन विभाग को जीएमएसएसएस 32, जीएचएस 47,
जीएसएएसएस बहलाना और जीएसएसएस मौली जागरां में तैनात एक-एक शिक्षक ने नौकरी
छोड़ दी है। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रूबिंद्र सिंह बराड़ ने कहा कि
शिक्षक भर्ती घोटाले में नौकरी छोड़ चुके इन चारों शिक्षकों की भूमिका है
कि नहीं इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। लेकिन ये मामला बहुत बड़ा है तो
जैसे ही इन्होंने नौकरी छोड़ने के लिए इस्तीफा दिया विभाग ने मामले की
जांच कर रही एसआईटी को सूचना दे दी।
वहीं पुलिस का कहना है कि चारों शिक्षकों के नौकरी छोड़ने की जानकारी मिली है। उनसे पुलिस पूछताछ करेगी। उसकेबाद ही भर्ती घोटाले में उनकी संलिप्तता के बारे में साफ तौर पर कहा जा सकता है। लेकिन इस तरह नौकरी छोड़ देनेने का कारण समझ नहीं आ रहा है। पुलिस इस मामले में अब तक कई पैसे देकर भर्ती हुए शिक्षकों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिसके बाद नौकरी से इस्तीफा देने वाले इन शिक्षकों पर शक और भी गहराता है।
पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि जेबीटी व टीजीटी में 7 से 10 लाख रुपये देकर शिक्षक भर्ती हुए है। मामले का मास्टर माइंड मिथिलेश उर्फ गुरू जी अभी भी एसआईटी की गिरफ्त से बाहर है।
वहीं पुलिस का कहना है कि चारों शिक्षकों के नौकरी छोड़ने की जानकारी मिली है। उनसे पुलिस पूछताछ करेगी। उसकेबाद ही भर्ती घोटाले में उनकी संलिप्तता के बारे में साफ तौर पर कहा जा सकता है। लेकिन इस तरह नौकरी छोड़ देनेने का कारण समझ नहीं आ रहा है। पुलिस इस मामले में अब तक कई पैसे देकर भर्ती हुए शिक्षकों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिसके बाद नौकरी से इस्तीफा देने वाले इन शिक्षकों पर शक और भी गहराता है।
पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि जेबीटी व टीजीटी में 7 से 10 लाख रुपये देकर शिक्षक भर्ती हुए है। मामले का मास्टर माइंड मिथिलेश उर्फ गुरू जी अभी भी एसआईटी की गिरफ्त से बाहर है।