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विभाग की समीक्षा में कमजोर मिले विद्यार्थी तो नपेंगे गुरुजी

विभाग की समीक्षा में कमजोर मिले विद्यार्थी तो नपेंगे गुरुजी
फतेहाबाद : प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के सरकारी शिक्षकों पर सख्ती होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने पहली से आठवीं कक्षा तक न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुताबिक नियमित पाठ्यक्रम के अलावा छात्रों को बेसिक ज्ञान होना जरूरी है।
हिन्दी, अंग्रेजी तथा गणित विषय पर शिक्षा विभाग ने कम से कम लक्ष्य तय किया है। विभाग का मानना है कि छात्र को इतना ज्ञान होना जरूरी है। जनवरी व फरवरी माह में समीक्षा भी की जाएगी। समीक्षा करने का काम प्राइवेट एजेंसी या दूसरे सरकारी स्कूल को भी दिया जा सकता है।
स्कूल मुखिया को भी सख्त आदेश हैं कि प्रतिदिन एक कक्षा जरूर चेक कर करनी है और इसकी रिपोर्ट दैनिक डायरी में लिखनी है। इन आदेशों के बाद स्कूलों में मस्ती करने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
पड़ोसी स्कूल करेंगे दैनिक डायरी का मूल्यांकन
मौलिक शिक्षा निदेशक की तरफ से जारी हुए आदेशों में कहा गया है कि न्यूनतम लक्ष्य निर्धारण को लेकर स्कूल का मुखिया प्रतिदिन कम से कम एक कक्षा की जांच करेगा। उसकी रिपोर्ट अपनी व अध्यापक की दैनिक डायरी में लिखनी होगी। इसका मूल्यांकन समय-समय पर नजदीकी स्कूल के अध्यापकों द्वारा भी करवाया जाएगा। इसके अलावा प्रतिदिन एक सुलेख, अंग्रेजी व हंिदूी में लिखवाना होगा तथा छात्रों को होमवर्क भी देना होगा।
"मुख्यालय की तरफ से आदेश आए हैं। जिसके मुताबिक पहली से आठवीं कक्षा तक न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में शिक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है। शिक्षा का स्तर उठाने के लिए अच्छा कदम है। विद्यार्थियों का बेसिक ज्ञान बढ़ेगा।"-- दयानंद सिहाग1उप जिला शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद

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