अंबाला शहर [उमेश भार्गव]। स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद इंटरव्यू और अपने
विषय में फेल होने वाले प्रदेश के 44 सहायक प्रोफेसर को उच्चतर शिक्षा
विभाग ने पे-बैंड चार का लाभ भले ही दे दिया। मगर विभाग ने सभी कॉलेजों के
प्रिंसिपल को इन 44 सहायक प्रोफेसर की एसीआर में पुअर लिखने का आदेश जारी
कर दिया है।
इसके बाद इन शिक्षकों का उच्चतर शिक्षा विभाग के पैनल ने विषयवार ज्ञान जाना और साक्षात्कार लिया। मगर 63 में से 44 शिक्षक अपने द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषय के बारे में भी नहीं बता पाए। यही कारण रहा कि विषयवार ज्ञान में 30 में से 10 अंक भी यह शिक्षक अर्जित नहीं कर पाए। फेल होने वाले शिक्षकों में अंबाला गवर्नमेंट वूमन कॉलेज की कॉमर्स लेक्चरर भी शामिल हैं।
वहीं, गवर्नमेंट वूमन कॉलेज अंबाला शहर की प्रिंसिपल मंजू का पाठक कहना है कि हां, शुरू में मैंने मैडम की फाइल नहीं भेजी थी। हो सकता है कि बाद में उन्होंने फाइल भिजवा दी हो। अभी मुझे ऐसा कोई लेटर नहीं मिला हुआ है जिसमें 10 से कम अंक लाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर की एसीआर में पुअर लिखने की बात कही गई हो।
पे-बैंड चार के लिए प्रदेश सरकार ने
पहली बार साक्षात्कार व विषयगत ज्ञान के साथ-साथ रिसर्च व टीचिंग के अनुभव
को शामिल किया था। प्रदेश के सरकारी कालेजों के कुल 65 सहायक प्रोफेसर ने
इसके लिए आवेदन किया था। इनमें से तीन तो स्क्रीनिंग में ही बाहर हो गए। एक
असिस्टेंट प्रोफेसर का नाम बाद में टेस्ट प्रक्रिया में नाम शामिल किया
गया। रिसर्च और टीचिंग अनुभव में लगभग सभी 63 सहायक प्रोफेसर को कॉलेजों ने
अपने स्तर पर अच्छे अंक देकर उत्तीर्ण कर दिया।
इसके बाद इन शिक्षकों का उच्चतर शिक्षा विभाग के पैनल ने विषयवार ज्ञान जाना और साक्षात्कार लिया। मगर 63 में से 44 शिक्षक अपने द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषय के बारे में भी नहीं बता पाए। यही कारण रहा कि विषयवार ज्ञान में 30 में से 10 अंक भी यह शिक्षक अर्जित नहीं कर पाए। फेल होने वाले शिक्षकों में अंबाला गवर्नमेंट वूमन कॉलेज की कॉमर्स लेक्चरर भी शामिल हैं।
फेल होने वालों में सबसे अधिक हिसार के
सबसे ज्यादा हिसार के गवर्नमेंट
कालेजों के 11 सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। इसके बाद करनाल व रोहतक के
कॉलेजों से छह सहायक प्रोफेसर, भिवानी से पांच, दो-दो सोनीपत, फतेहाबाद,
फरीदाबाद, सिरसा, जींद व झज्जर और रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पंचकूला के
गवर्नमेंट कॉलेज से एक-एक सहायक प्रोफेसर के नाम सब्जेक्ट नॉलेज और
साक्षात्कार में फेल होने वाले शिक्षकों की सूची में शामिल हैं।
सूची में नहीं था अंबाला की असिस्टेंट प्रोफेसर का नाम
अंबाला की गवर्नमेंट वूमन कॉलेज की एक
सहायक प्रोफेसर का नाम पे-बैंड चार के लिए भेजे गए आवेदनकर्ताओं की अंतिम
सूची में शामिल नहीं था। उच्चतर विभाग ने बाकायदा स्क्रीनिंग टेस्ट में
शामिल होने वाले सभी 65 शिक्षकों की सूची जारी की थी, जोकि आज भी वेबसाइट
पर उपलब्ध है। बावजूद इसके अंबाला के गवर्नमेंट वूमन कॉलेज की इस शिक्षिका
को साक्षात्कार में शामिल कर लिया गया। हालांकि कॉलेज की प्रिंसिपल ने इस
सहायक प्रोफेसर की फाइल भी विभाग के पास नहीं भेजी थी। ऐसे में प्रक्रिया
पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं?
इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.
अर्चना का कहना है कि पहली बार ही यह कदम उठाया गया है। जो सहायक प्रोफेसर
विषयवार नॉलेज और इंटरव्यू में 10 अंक अर्जित नहीं कर पाए उनकी एसीआर में
प्रिंसिपल पुअर लिखेंगे, ताकि वह भविष्य में सुधार कर सकें। जहां तक अंबाला
की सहायक प्रोफेसर का सवाल है तो हो सकता है कि उन्होंने अंतिम समय में
अपनी फाइल जमा कराई हो।
वहीं, गवर्नमेंट वूमन कॉलेज अंबाला शहर की प्रिंसिपल मंजू का पाठक कहना है कि हां, शुरू में मैंने मैडम की फाइल नहीं भेजी थी। हो सकता है कि बाद में उन्होंने फाइल भिजवा दी हो। अभी मुझे ऐसा कोई लेटर नहीं मिला हुआ है जिसमें 10 से कम अंक लाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर की एसीआर में पुअर लिखने की बात कही गई हो।