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पदोन्नति नीति को लेकर रोष

रेवाड़ी, 15 फरवरी (अस) एक ओर प्रदेश सरकार का शिक्षा विभाग विभिन्न वर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति सूची को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है, वहीं प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में सेवारत विज्ञान एवं गणित अध्यापक उक्त कथित अव्यवहारिक पदोन्नति नीति से बेहद खफा हैं।
इन शिक्षकों में विभाग के विभिन्न दोहरे मापदंडों को लेकर भारी रोष व्याप्त है।
विज्ञान एवं गणित वर्ग के जो अध्यापक बीएससी नॉन-मेडिकल वर्ग से सेवा में आये, आज उन्हें अपेक्षित पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है। उक्त वर्ग के विज्ञान अध्यापकों को गणित विषय पर तथा गणित अध्यापकों को भौतिकी व रसायन शास्त्र पदों पर पदोन्नति सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे संबंधित वर्ग आहत है।
उल्लेखनीय है कि उक्त वर्ग के अध्यापकों ने स्नातक स्तर तक भौतिकी, रसायन शास्त्र व गणित विषय मुख्य अध्यापन विषय के रूप में पढ़े तथा फिर इन तीनों विषयों में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर कर लिया ताकि भविष्य में पदोन्नति हो सके। पिछले दिनों विभाग ने शिक्षा विभाग में पदोन्नति का रास्ता खोला, जिसमें उक्त वर्ग के विज्ञान अध्यापकों को जहां गणित विषयों पर पदोन्नत नहीं किया जा रहा, वहीं गणित अध्यापकों का नाम भौतिकी व रसायन शास्त्र की सूची से नदारद है। विभाग ने पिछले दिनों पदोन्नति सूची के संभावित नाम जारी किए हैं, जिन पर अपनी आपत्ति 17 फरवरी तक दर्ज करवायी जा सकती है।
खास बात यह है कि एक ओर सामाजिक अध्ययन विषय के अध्यापक (एसएस मास्टर) को उक्त पदोन्नति सूची में आठ विषयों में पदोन्नति लाभ दिया गया है। जिनमें अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान लोक प्रशासन शामिल हैं, वहीं उक्त वर्गों के अध्यापकों को उन मूल विषयों में भी पदोन्नति नहीं दी जा रही, जो स्नातक स्तर में उनके मुख्य विषय रहे हैं। इतना ही नहीं, हरियाणा गठन से आज तक प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में उक्त वर्ग का विज्ञान अध्यापक ही विज्ञान व गणित दोनों विषय पढ़ाता आ रहा है, वहां गणित अध्यापक का पद सृजित ही नहीं है। फिर भी उन्हें संबंधित पदोन्नति से वंचित रखा गया।
प्रमोशन की बजाय मिले कोरे आश्वासन
विज्ञान अध्यापक इस संदर्भ में विभाग की उक्त अव्यवहारिक पदोन्नति नीति के संदर्भ में कई बार लिखित एवं मौखिक आग्रह कर चुके हैं। किंतु पदोन्नति की बजाय उन्हें आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। अब विभाग ने एक बार फिर संभावित पदोन्नति सूची जारी कर दी है किंतु उसमें भी उनके नाम नदारद हैं।

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