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परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं आया तो टीचर्स पर होगी कार्रवाई

पानीपत। जिला के कक्षा 12वीं तक के सभी छात्रों की मेमोरी बढ़ाने के लिए एलईपी योजना के तहत लघु सचिवालय के सभागार में एक दिवसीय एलईपी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त राजीव मेहता ने की।
इस कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी उदय भास्कर मुख्यमंत्री की सलाहकार प्रियांजलि मित्रा और उप जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल के अलावा जिला के सभी ब्लाक शिक्षा अधिकारी और सभी प्राचार्य व सभी मुख्याध्यापक मौजूद रहे। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त राजीव मेहता ने कहा कि देश का भविष्य विद्यालयों में निवास करता है और शिक्षा ही वह साधन है, जो सामान्य मनुष्य को महामानव बनाने की क्षमता रखता है। विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चें भी देश के भावी कर्णधार हैं। इन बच्चों का उज्जलवल भविष्य बनाने में शिक्षक व शिक्षण संस्थाओं से जुड़े प्रबन्धक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। लेकिन यह बड़े खेद का विषय है कि पानीपत जिला का वर्ष 2016 का पांचवीं, दसवीं व 12वीं की कक्षाओं का परिणाम उल्लेखनीय नहीं रहा है। इसलिए जिला प्रशासन के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी, जिला के सभी ब्लाक शिक्षा अधिकारी और सभी प्राचार्य व सभी मुख्याध्यापक दिन-रात मेहनत करके इस जिला को उक्त सभी परीक्षाओं में प्रथम स्थान पर लाने के लिए प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा के नवयुवकों को 21वीं सदी के अनुरूप बनाना है तो सरकार के साथ-साथ शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों व अध्यापकों और अभिभावकों को जिला प्रशासन का सहयोग करना होगा, यदि उनके समक्ष कोई समस्या आ रही है तो उसे तुरन्त जिला प्रशासन के संज्ञान में लाए। भविष्य में यदि इन तीनों परीक्षाओं का परिणाम जिला प्रशासन की आशा के अनुरूप नही आया तो पानीपत जिला के शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों व प्राचार्यो, अध्यापकों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा हरियाणा सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। सरकार शिक्षा के मामले में प्रदेश को देश में प्रथम स्थान पर लाना चाहती है। इसके लिए समय-समय पर अध्यापकों की कार्यशाला का आयोजन भी किया जाता है। सरकार ने जहां मेक इन हरियाणा-मेक इन इंडिया अभियान शुरू किया है, वहीं गांव दुधोला में कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना की है। जब सरकार ने अध्यापकों को उनकी इच्छा के अनुसार सुविधाजनक स्थानों पर स्थापित करने के लिए नई तबादला नीति लागू की है, तो फिर यह समझ से परे है कि हरियाणा का शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को सर्वोच्च स्थान दिलाने के सभी प्रयास किए जाएंगे ताकि हरियाणा के छात्रों को देश-विदेश में रोजगार प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठनाईयों का सामना ना करना पड़े। कार्यशाला को मुख्यमंत्री की सलाहकार प्रियांजली मित्रा, जिला शिक्षा अधिकारी उदय भास्कर, उप जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल, खण्ड शिक्षा अधिकारियों में सतपाल, सुदेश कुमारी, कौशल्या, सुशमा कुश व प्राचार्यो में वेदप्रकाश, राकेश बुरा ने भी सम्बोधित किया।

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