; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

मांग: नियम 134ए के तहत दाखिला पाने वालों की पूरी फीस दे शिक्षा विभाग

जिले के प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए नियम-134ए के तहत स्कूलों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की फीस लेने से मना कर दिया है। प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि विभाग उन्हें नियम-134ए तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की या तो पूरी फीस दे अथवा वे फीस नहीं लेंगे।
यह निर्णय स्कूल संचालकों ने मीरा घाटी चौक स्थित आरएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करनाल इंडिपेंडेंट एसोसिएशन के बैनर तले हुई बैठक में लिया। एसोसिएशन के सदस्यों को कहना है कि पिछले सेशन में शिक्षा विभाग ने नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों के दाखिले के लिए कहा था। कई स्कूलों ने अपने स्तर पर नियम के तहत कई बच्चों को दाखिला दिया था, लेकिन बाद में विभाग ने विद्यार्थियों की लिस्ट जारी की थी। इसमें उन बच्चों के नाम ही नहीं थे, जिन्हें प्राइवेट स्कूलों ने नियम के तहत दाखिला दिया था।

करनाल. आरएसस्कूल में आयोजित बैठक में मौजूद निजी स्कूल संचालक।

शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की फीस 300 500 रुपए जारी की है। सभी प्राइवेट स्कूलों ने ये फीस लेने का फैसला लिया और कहा कि वे सभी विद्यार्थियों की पूरी फीस लेंगे। अगर शिक्षा विभाग ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वह कोर्ट में जाएंगे या फिर प्रदर्शन भी कर सकते हैं। बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि वे कक्षा 9 से 12वीं में एनसीईआरटी की किताबें लगाएंगे, इसके अलग कक्षा 6 से 8वीं तक कुछ किताबें एनसीईआरटी की लगाएंगे। कक्षा 1 से 5 तक वे एनसीईआरटी की बुक नहीं लगाएंगे। 

UPTET news