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ह‍रियाणा बजट 2017: ग्रामीण और शहरी विकास के लिए आवंटन राशि में भारी वृद्धि

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के वर्ष 2017-18 के बजट में विभिन्‍न क्षेत्रों के लिए आवंटन राशि में वृद्धि की गई है। वित्‍तमंत्री कैप्‍टन अभिमन्‍यु ने बजट में विभिन्‍न क्षेत्रों के लिए आवंटन में ग्रामीण विकास को सबसे ज्‍यादा प्रमुखता दी गई है। इसके लिए आवंटन में करीब 57 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
शहरी विकास और नगर एवं ग्राम आयोजना के लिए आवंटन राशि में भारी वृद्धि की गई हैै। कृषि क्षेत्र का भी पूरा ख्‍याल रखा गया है।
क्षेत्रवार आवंटन एक नजर में
ग्रामीण विकास व सामुदायिक विकास
-वर्ष 2017-18 के दौरान ग्रामीण विकास, सामुदायिक विकास तथा पंचायतों के लिए 4963.09 करोड़ रुपये के आवंटन किया गया है। यह 2016-17 के 3167.55 करोड़ रुपये के मुकाबले 56.69 प्रतिशत की वृद्धि है।
शहरी विकास और नगर एवं ग्राम आयोजना

शहरी विकास के लिए 4973.58 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें शहरी स्थानीय निकायों के लिए 3869.63 करोड़ रुपये और नगर एवं ग्राम आयोजना के लिए 1103.95 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है। यह आवंटन 2016-17 में 3408.16 करोड़ रुपये की तुलना में 45.93 प्रतिशत अधिक है।
कृषि और संबद्ध क्षेत्र

वर्ष 2017-18 के लिए कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए 3206.01 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह 2016-17 के 2698.80 करोड़ रुपये से 18.79 प्रतिशत अधिक है। इसमें कृषि के लिए 1516.01 करोड़ रुपये, पशुपालन के लिए 746.88 करोड़ रुपये, बागवानी के लिए 396.93 करोड़ रुपये, वनों के लिए 457.62 करोड़ रुपये और मत्स्य पालन के लिए 88.57 करोड़ रुपये का परिव्यय शामिल है।
सिंचाई एवं जल संसाधन
वर्ष 2017-18  में सिंचाई और जल संसाधनों के लिए परिव्यय को संशोधित अनुमान 2016-17 के 2397.68 करोड़ रुपये से 13.62 प्रतिशत बढ़ाकर 2724.26 करोड़ रुपये किया गया।
स्वास्थ्‍य क्षेत्र
वर्ष 2017-18 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 3839.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 2016-17 में 3323.95 करोड़ रुपये के मुकाबले 15.52 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
शिक्षा               
                      
शिक्षा ( मौलिक, माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा) के लिए 14005 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय का प्रस्ताव है। इसमें 2016-17 के 11825.67 करोड़ रुपये की अपेक्षा 18.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बजट अनुमान 2017-18 में तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 487.84 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था की गई है। इसके साथ ही बजट अनुमान 2017-18 में कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के लिए 487.39 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव है।
खेल
बजट में 2017-18 में खेलों के लिए 535.36 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसमें 2016-17 के 336.49 करोड़ रुपये की तुलना में 59.10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
गैर परंपरागत ऊर्जा क्षेत्र
वर्ष 2017-18 में गैरपरंपरागत ऊर्जा विभाग के लिए 112.50 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। गत वर्ष के 44.26 करोड़ रुपये के अावंटन से यह 154.18 प्रतिशत अधिक है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी
बजट में वर्ष 2017-18 में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए 3382.84 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वर्ष 2016-17 में 2906.52 करोड़ रुपये की तुलना में इसमें 16.39 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
परिवहन
2017-18 में परिवहन विभाग के लिए 2459.70 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। 2016-17 में 2291.31 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस प्रकार इसमें 7.35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
उद्योग
बजट अनुमान 2017-18 में, उद्योग और खनिज विभाग के लिए 399.88 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राशि 2016-17 के 366.99 करोड़ रुपये की तुलना में 8.96 प्रतिशत अधिक है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी
बजट अनुमान 2017-18 में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के लिए 125.56 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में किया गया है।2016-17 के 88.69 करोड़ रुपये की तुलना में इसमें 41.57 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी हुई है।
पर्यटन और संस्कृति

वर्ष 2017-18 में पर्यटन एवं संस्‍कृति विभाग के लिए 72.14 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
सामाजिक न्याय विभाग
वर्ष 2017-18 में अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के लिए 736.84 करोड़ रुपये और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिए 4875.47 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

महिला एवं बाल विकास एवं जिला योजना स्कीम
वर्ष 2017-18 में महिला एवं बाल विकास के लिए 1247.24 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह  2016-17 के 1009.66 करोड़ रुपये की तुलना में 23.53 प्रतिशत अधिक है। जिला योजना के तहत 400 करोड़ रुपये का परिव्यय।

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