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अधिकारियों को दिए आदेश: डीईईओ

सिटीरिपोर्टर | पंचकूला जिले के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक अब हर बच्चे के प्रोग्रेस रिपोर्ट को रिकाॅर्ड स्किल पासबुक में दर्ज की जाएगी। इस पासबुक की सहायता से ही कौन सा छात्र किस क्षेत्र में कमजोर है यह जानकारी रहेगी, जिसके आधार पर शिक्षक छात्रों की कमजोरियों का पता लगा उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे।
पंचकूला जिले के सभी खंडों के सरकारी स्कूलों में बच्चों की गतिविधियाें का रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए स्किल पासबुक शिक्षकों को भिजवा दी गई है।

स्किल पासबुक भरने के लिए स्कूल मुखियाओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अब जिले के सभी स्कूलों में यह स्किल पासबुक भरकर बच्चों को वितरित की जा रही है। स्किल पासबुक के आधार पर ही मूल्यांकन होगा। विभाग द्वारा 18 अप्रैल तक यह मूल्यांकन करने का आदेश दिया गया है। इसे नई कक्षा के अध्यापकों स्कूल मुखियाओं द्वारा किया जाएगा। यदि बच्चा किसी विषय में कमजोर है तो उस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रवेशउत्सव में अभिभावकों को करवाया जा चुका इस नई पहल से रूबरू : सरकारीस्कूलों में बच्चों की संख्या पढ़ाने और उनके अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रवेश उत्सव मनाया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों के बारे में पूरी जानकारी अध्यापकों को देने का था। इसके तहत बच्चा किस विषय में कमजोर है इसकी जानकारी अध्यापकों के साथ अभिभावकों को भी उपलब्ध रहेगी। अब हर स्कूली बच्चे के कौशल का रिकॉर्ड तैयार होगा।

इसआधार पर होगा बच्चों का मूल्यांकन : इसकेअलावा अब स्कूलों में प्रवेश के दो माह के दौरान बच्चे का अवलोकन किया जाएगा। कक्षा पांच, आठवीं पास करने वाली छात्राओं के अभिभावकों को अर्ध सरकारी पत्र भी स्कूल की ओर से दिया जा रहा है। इसके तहत ही स्कूलों में स्किल पासबुक दी जा रही है। स्किल पासबुक को शिक्षकों द्वारा भरा जाएगा, जिसमें बच्चों के बारे में पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा। स्किल पासबुक को अगली कक्षा में आने वाले छात्र नए शिक्षक को देंगे, ताकि उसमें दर्ज गतिविधियों के आधार पर बच्चे का मूल्यांकन किया जा सके।

स्किलपासबुक से लगेगा नई कक्षा के शिक्षक को छात्र की कमजोरी का ज्ञान : स्किलपास बुक निदेशालय ने सभी स्कूलों में उपलब्ध करवा दी है। इसके साथ ही पास बुक भरने के लिए स्कूल मुखियाओं समेत शिक्षकों प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें बताया गया कि बच्चों का रिकॉर्ड किस तरह से तैयार करना है। साथ ही बताया गया कि स्किल पास बुक भरकर बच्चों को देनी है ताकि उसे नई कक्षा के शिक्षक को दिया जा सके। यदि स्किल पास बुक में दर्ज गतिविधि के आधार पर बच्चों किसी विषय में कमजोर है, तो उस पर शिक्षक द्वारा विशेष ध्यान दिया जा सके।

डीईईओ सुजात राणा ने बताया कि स्किल पासबुक से बच्चों का शिक्षण स्तर सुधरेगा। सभी स्कूलों में स्किल पासबुक भिजवाई जा रही है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। स्किल पासबुक में दर्ज रिकॉर्ड के आधार पर बच्चों का मूल्यांकन किया जाए। 

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