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पंजाब की शिक्षा मंत्री बोलीं- स्कूलों में बनेंगे बुक बैंक, निशुल्क मिलेंगी पुरानी किताबें

जेएएन, चंडीगढ़। कई सौ करोड़ की किताबें प्रतिवर्ष कबाड़ में बिक जाती हैं। इसकी वजह से पर्यावरण पर तो असर पड़ता ही है बल्कि लाखों अभिभावकों के जेब पर भी बोझ पड़ता है। शिक्षा विभाग ने अब इससे सबक लेना शुरू दिया है। विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों में बुक बैंक बनाने का फैसला किया है।
परीक्षा पास कर अगली कक्षी में जाने वाले विद्यार्थियों से पुरानी पुस्तकें जमा करवाई जाएंगी और यह पुस्तकें उस कक्षा में आने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क दी जाएंगी। इस संबंध में शिक्षा मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों को नई पुस्तकें खरीदनी पड़ती हैं। जिसके लिए नई पुस्तकों को प्रकाशित करने के लिए बड़ी संख्या में जहां कागज का इस्तेमाल होता है वहीं किताबों के प्रकाशन में समय लगने के कारण विद्यार्थियों का शैक्षणिक समय खराब होता है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष नई पुस्तकें खरीदने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस सबको देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बुक बैंक स्थापित करने की योजना बनाई है।
शिक्षा मंत्री श्रीमती चौधरी ने कहा कि बुक बैंक की स्थापना स्वै:इच्छा के साथ की जा रही है, इसलिए कोई किसी विद्यार्थी को बंदिश नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बुक बैंक में योगदान देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए कोई प्रोत्साहन अवश्य दिया जा सकता है। इस संबंधी विचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि  बुक बैंक की पुस्तकों संबंधित स्कूल के विद्यार्थी नि:शुल्क हासिल कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि विभाग के इस फैसले के बाद कई गैर सरकारी संगठन जो अपने स्तर पर बुक बैंक चला रहे थे, ने भी सहयोग देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि विभाग की इस पहल के साथ ही वातावरण बचाने में भी अहम योगदान रहेगा, क्योंकि प्रत्येक वर्ष नई पुस्तकों के प्रकाशन के लिए प्रयोग किए जाने वाले कागज का इस्तेमाल घट जाएगा।

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