ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद जिले में आने वाले 723 जेबीटी शिक्षकों की दस्तावेजों को जमा कराने एवं सत्यापन के लिए सेक्टर 16 स्थित जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में भीड़ रही। प्रदेश के 22 जिलों से आने वाले शिक्षकों की सुविधा के लिए 8 कांउटर तैयार किए। जहां पर शिक्षकों को पूछताछ से लेकर हर तरह की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
हालांकि दस्तावेजों को पहले जमा कराने एवं सत्यापन के लिए दौड़ नजर आई। वहीं महिला शिक्षक दूसरे दिन भी अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंची। शिक्षा विभाग ने दूसरे दिन पीने के लिए पानी मुहैया कराया वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी खुद शिक्षकों को हर तरह का सहयोग करती नजर आई।
बताया जा रहा है कि जेबीटी शिक्षकों की नाम सूची के साथ पत्रों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण जिले में कार्य के प्रति देरी देखने को मिली। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाकर कार्य पूरा किया जा रहा है।
सत्यापन के लिए बनाई 32 कर्मचारियों की टीम
जिला शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन के लिए 32 लोगों की टीम तैयार की। जो शपथ पत्र के साथ अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। इसके अलावा कमी होने पर शिक्षकों को परामर्श दिया जा रहा है। कुछ शिक्षक बिना मूल दस्तावेज के साथ पहुंचे तो विभाग ने उन्हें सोमवार को आवश्यक परिस्थितियों में उपस्थित होने के लिए कहा।
सोमवार को बनेगा मेडिकल प्रमाण पत्र
शिक्षा विभाग ने शुक्रवार एवं शनिवार को दस्तावेज जमा करने के बाद सत्यापन किया। उसके बाद जेबीटी शिक्षकों को रसीद दी गई। शिक्षा विभाग द्वारा 723 शिक्षकों के मेडिकल के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूची भेजी जाएगी। हालांकि कई जेबीटी शिक्षक शनिवार को ही मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने की मांग पर अडे थे, लेकिन शनिवार ल्होने के चलते अब सोमवार को ही बन पाएगा।
भरी गर्मी में शिक्षकों की दौड़
जिला शिक्षा विभाग कार्यालय के पास फोटोकॉपी, स्टेशनरी की दुकान नहीं होने के कारण जेबीटी शिक्षकों को डेढ से दो किलोमीटर तक की दौड़ लगानी पड़ी। तीन साल बाद मौका मिलने के कारण कोई भी शिक्षक गंवाना नहीं चाहता था। ऐसे में भरी गर्मी में बिना खाए पीए एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकते रहे। दस्तावेज के साथ पहुंची महिला ने बताया कि ऐसा मौका बार बार नहीं आता है, इसलिए आज ही सारी कार्यवाही पूरी कर दी जाएगी।
हालांकि दस्तावेजों को पहले जमा कराने एवं सत्यापन के लिए दौड़ नजर आई। वहीं महिला शिक्षक दूसरे दिन भी अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंची। शिक्षा विभाग ने दूसरे दिन पीने के लिए पानी मुहैया कराया वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी खुद शिक्षकों को हर तरह का सहयोग करती नजर आई।
बताया जा रहा है कि जेबीटी शिक्षकों की नाम सूची के साथ पत्रों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण जिले में कार्य के प्रति देरी देखने को मिली। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाकर कार्य पूरा किया जा रहा है।
सत्यापन के लिए बनाई 32 कर्मचारियों की टीम
जिला शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन के लिए 32 लोगों की टीम तैयार की। जो शपथ पत्र के साथ अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। इसके अलावा कमी होने पर शिक्षकों को परामर्श दिया जा रहा है। कुछ शिक्षक बिना मूल दस्तावेज के साथ पहुंचे तो विभाग ने उन्हें सोमवार को आवश्यक परिस्थितियों में उपस्थित होने के लिए कहा।
सोमवार को बनेगा मेडिकल प्रमाण पत्र
शिक्षा विभाग ने शुक्रवार एवं शनिवार को दस्तावेज जमा करने के बाद सत्यापन किया। उसके बाद जेबीटी शिक्षकों को रसीद दी गई। शिक्षा विभाग द्वारा 723 शिक्षकों के मेडिकल के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूची भेजी जाएगी। हालांकि कई जेबीटी शिक्षक शनिवार को ही मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने की मांग पर अडे थे, लेकिन शनिवार ल्होने के चलते अब सोमवार को ही बन पाएगा।
भरी गर्मी में शिक्षकों की दौड़
जिला शिक्षा विभाग कार्यालय के पास फोटोकॉपी, स्टेशनरी की दुकान नहीं होने के कारण जेबीटी शिक्षकों को डेढ से दो किलोमीटर तक की दौड़ लगानी पड़ी। तीन साल बाद मौका मिलने के कारण कोई भी शिक्षक गंवाना नहीं चाहता था। ऐसे में भरी गर्मी में बिना खाए पीए एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकते रहे। दस्तावेज के साथ पहुंची महिला ने बताया कि ऐसा मौका बार बार नहीं आता है, इसलिए आज ही सारी कार्यवाही पूरी कर दी जाएगी।