जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : एक जून से हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता
प्राप्त व निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में एक माह के ग्रीष्मकालीन
अवकाश घोषित किए जाने के बाद भी कई प्राइवेट स्कूलों द्वारा बृहस्पतिवार
को इन आदेशों की सरेआम अवहेलना कर पहले की भांति शिक्षण कार्य जारी रखे
जाने की खबरें मिली है।
विशेषकर जिले के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में तो हर बार की भांति इस बार भी छुट्टियों के निर्देशों को दरकिनार कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों, नियम कायदों की अवेहलना करना अधिकतर निजी स्कूलों ने अपना अधिकार मान लिया है। सर्दकालीन अवकाश हो या ग्रीष्म कालीन ये स्कूल संचालक अपने एजेंडे के अनुसार चलते है। स्कूल संचालकों की इस मनमर्जी पर विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई अमल में न लाए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे है। शिक्षा विभाग द्वारा घोषित ग्रीष्मकालीन, सर्द कालीन, फसली अवकाश इत्यादि को प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए लागू करना जरूरी है। अभिभावक भी समय समय बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए ग्रीष्म कालीन अवकाश करने की मांग करते रहे है लेकिन निजी स्कूल संचालकों को किसी को कोई परवाह नहीं है। इन हालातों में निजी स्कूलों की मनमानी हर निर्देशों, आदेश की अवहेलना करना साफ दिखाई देता है।
बाक्स :
ये है नियम
हरियाणा शिक्षा विभाग, शिक्षा बोर्ड से संबंध सभी सरकारी व निजी स्कूलों पर छुट्टियों के नियम एक समान लागू होते है। मान्यता लेते समय सभी निजी संचालक बाकायदा हल्फिया बयान देकर समय समय पर टाईम टेबल, छुट्टियों इत्यादि के निर्देशों की पालना का वचन देते है। शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक निजी स्कूल संचालकों को विभाग के नियमों की पालना करना जरूरी है।
बाक्स :
होगी कड़ी कार्रवाई : बीईओ
दादरी के खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश संभ्रवाल ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के नियमों को न मानने वाले निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।छुट्टियों के बारे में समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचनाएं प्रकाशित की जा चुकी थी। इसके अलावा स्कूलों को मेल भी भेजी जा चुकी है। नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के बारे में विभाग को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर वे व्यक्तिगत तौर पर जाकर स्कूलों की जांच करेंगे।
विशेषकर जिले के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में तो हर बार की भांति इस बार भी छुट्टियों के निर्देशों को दरकिनार कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों, नियम कायदों की अवेहलना करना अधिकतर निजी स्कूलों ने अपना अधिकार मान लिया है। सर्दकालीन अवकाश हो या ग्रीष्म कालीन ये स्कूल संचालक अपने एजेंडे के अनुसार चलते है। स्कूल संचालकों की इस मनमर्जी पर विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई अमल में न लाए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे है। शिक्षा विभाग द्वारा घोषित ग्रीष्मकालीन, सर्द कालीन, फसली अवकाश इत्यादि को प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए लागू करना जरूरी है। अभिभावक भी समय समय बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए ग्रीष्म कालीन अवकाश करने की मांग करते रहे है लेकिन निजी स्कूल संचालकों को किसी को कोई परवाह नहीं है। इन हालातों में निजी स्कूलों की मनमानी हर निर्देशों, आदेश की अवहेलना करना साफ दिखाई देता है।
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ये है नियम
हरियाणा शिक्षा विभाग, शिक्षा बोर्ड से संबंध सभी सरकारी व निजी स्कूलों पर छुट्टियों के नियम एक समान लागू होते है। मान्यता लेते समय सभी निजी संचालक बाकायदा हल्फिया बयान देकर समय समय पर टाईम टेबल, छुट्टियों इत्यादि के निर्देशों की पालना का वचन देते है। शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक निजी स्कूल संचालकों को विभाग के नियमों की पालना करना जरूरी है।
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होगी कड़ी कार्रवाई : बीईओ
दादरी के खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश संभ्रवाल ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के नियमों को न मानने वाले निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।छुट्टियों के बारे में समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचनाएं प्रकाशित की जा चुकी थी। इसके अलावा स्कूलों को मेल भी भेजी जा चुकी है। नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के बारे में विभाग को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर वे व्यक्तिगत तौर पर जाकर स्कूलों की जांच करेंगे।