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शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की पीएम को भेजी शिकायत, कार्रवाई की मांग

भास्करन्यूज | सिरसा शिक्षाविभाग में कार्यरत पीटीआई की डीपीई पद पर पदोन्नति प्रक्रिया में भेदभाव के आरोप लगे हैं। सीएम विंडो में शिकायत के बावजूद कार्रवाई होने और जांच के नाम पर भ्रमित करने को लेकर अब शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।


शहर की हुडा कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बलदेव सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि उन्होंने सीएम विंडो में एक शिकायत 14 जनवरी 2016 को भेजी थी। इसके बाद 10 नवंबर 2016 को उनके पास मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी समस्या का समाधान कर दिया गया है। इस पर जब उन्‍होंने सीएम विंडो पर शिकायत संख्या के आधार पर पोर्टल पर जाकर जांच की तो पता चला कि ज्वाइंट डायरेक्टर आरपी सांगवान को जांच अधिकारी बनाया गया है।

बलदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने जांच अधिकारी आरपी सांगवान से बात की तो जवाब मिला कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता। तो उनके पास जांच अधिकारी बनाने संबंधी पत्र आया और ही उन्होंने कोई जांच की। 30 जनवरी 2017 तक भी कार्रवाई नहीं हुई तो बलदेव सिंह ने दोबारा शिकायत की लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि इस मामले में कार्रवाई की जाए तथा दोषियों पर भी शिकंजा कसा जाए।

यह है मामला

मौलिकशिक्षा विभाग ने 29 अक्टूबर 2007 को सभी जिलों से पीटीआई से डीपीई की पदोन्नति के लिए आवेदन मांगे। हालांकि सभी जिलों से आवेदन भेज भी दिए। बलदेव सिंह का आरोप है कि लेकिन इसमें भेदभाव बरतते हुए मनमर्जी से पदोन्नति की गई जबकि अन्य को छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता बलदेव सिंह ने कहा कि नियम के अनुसार सभी की एक साथ पदोन्नति होनी चाहिए थी। यदि किसी केस में कोई कमी थी तो संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय की ओर से पत्र भेजकर अवगत कराना चाहिए था, जबकि ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस दौरान फतेहाबाद से केवल एक पदोन्नति की गई जबकि फतेहाबाद के 4 और सिरसा के 13 केस के साथ-साथ अन्य जिलों के केस भी छोड़ दिए गए। 

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