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पंजाब के समान वेतन देने को तैयार हरियाणा सरकार

 पंजाब के समान वेतन देने को तैयार हरियाणा सरकार
** विभागों में पद, योग्यता व वेतन का तुलनात्मक अध्ययन होगा
** तीन साल बाद आगे बढ़ी सरकार दायरे में सभी कच्चे कर्मचारी, करीब 15 हजार कम वेतन

चंडीगढ़ : प्रदेश सरकार करीब तीन साल बाद अपने कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने को तैयार हो गई है। इसके लिए पंजाब व हरियाणा के सरकारी विभागों में कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता और संबंधित पदों पर मिलने वाले वेतनमान की तुलना कराई जाएगी, जोकि विभागवार होगी। विभागाध्यक्षों की रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा सरकार अपने कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान दे सकती है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को दोनों राज्यों के कर्मचारियों के वेतनमान के तुलनात्मक अध्ययन की पूरी रिपोर्ट दी है, लेकिन राज्य सरकार अपने स्तर पर विभागों के जरिए भी रिपोर्ट तैयार कराएगी। सोमवार को डेढ़ घंटे चली समझौता वार्ता में सरकार सभी कच्चे कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने को भी राजी हो गई है। अभी तक सिर्फ साढ़े सात हजार कर्मचारी लाभ के दायरे में आ रहे थे और 60 हजार वंचित थे।
हरियाणा के कर्मचारियों को पंजाब से करीब 15 हजार रुपये मासिक कम वेतन मिल रहा है। इनमें सभी विभागों के लिपिक, सहायक अधीक्षक, उपाधीक्षक, अधीक्षक, सिपाही, हवलदार, एएसआइ, एसआइ, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्यकर्मी और वन विभाग के कुछ श्रेणी के कर्मचारी आते हैं

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