एनबीटी न्यूज, गुड़गांव सरकारी स्कूलों में कौन सा टीचर किस दिन छुट्टी पर है, इसकी सूचना बोर्ड पर अंकित की जाएगी। टीचर्स जब भी लंबी छुट्टियों पर होते हैं या एक या दो दिन की आक्समिक छुट्टी लेते हैं, तो इसकी सूचना प्रिंसिपल को तो होती है, लेकिन अन्य स्टाफ और छात्रों को इस बारे में पता नहीं होता।
इस वजह से कई काम रुक जाते हैं। ऐसे में रोजाना प्रिंसिपल रूम के बोर्ड के माध्यम से शिक्षकों की जानकारी अपडेट होगी।
विभागीय निर्देशानुसार, सभी स्कूलों में प्रिंसिपल रूम के पास वहां कार्यरत सभी शिक्षकों की पूरी जानकारी मुहैया करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत स्कूल में अलग-अलग क्लासेज के टीचर्स की पूरी जानकारी एक बोर्ड पर अंकित की जानी है। अगर कोई शिक्षक अनुपस्थित है तो इसकी जानकारी बोर्ड पर होनी चाहिए। इसके अलावा, किस घंटी में कौन अध्यापक पढ़ा रहा है, इस बारे में भी इस बोर्ड को रोजाना अपडेट किया जाना आवश्यक है।
जिले के अधिकतर स्कूलों ने इस नियम को अपनाया तो जरूर है, लेकिन इसे रोजाना अपडेट करने की जहमत नहीं उठाते। दरअसल, स्कूलों ने प्रिंसिपल रूम में एक चार्ट पर स्कूल टीचर की पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उसकी कक्षा का नाम लिखकर खानापूर्ति कर दी है। इस चार्ट से यह पता ही नहीं चल पाता कि कौन से विषय का शिक्षक आज अवकाश पर है। अगर कोई शिक्षक अवकाश पर चल रहा है तो उसकी जगह उसकी कक्षा कौन ले रहा है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने बताया कि अगर किसी स्कूल में 11वीं में इंग्लिश पढ़ाने वाले शिक्षक किसी कारणवश छुट्टी पर हैं, तो उस दिन उनके स्थान पर कौन क्लास ले रहा है। यह जानकारी किसी से पूछे बगैर ही बोर्ड से ही समझ में आ जानी चाहिए। छात्रों के परिजनों को अपने बच्चों को पढ़ाने वाले टीचर की जानकारी इसी बोर्ड से प्राप्त होनी चाहिए, लेकिन जिले के अधिकतर स्कूल इस नियम का गंभीरता से पालन नहीं कर रहे हैं।
इस वजह से कई काम रुक जाते हैं। ऐसे में रोजाना प्रिंसिपल रूम के बोर्ड के माध्यम से शिक्षकों की जानकारी अपडेट होगी।
विभागीय निर्देशानुसार, सभी स्कूलों में प्रिंसिपल रूम के पास वहां कार्यरत सभी शिक्षकों की पूरी जानकारी मुहैया करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत स्कूल में अलग-अलग क्लासेज के टीचर्स की पूरी जानकारी एक बोर्ड पर अंकित की जानी है। अगर कोई शिक्षक अनुपस्थित है तो इसकी जानकारी बोर्ड पर होनी चाहिए। इसके अलावा, किस घंटी में कौन अध्यापक पढ़ा रहा है, इस बारे में भी इस बोर्ड को रोजाना अपडेट किया जाना आवश्यक है।
जिले के अधिकतर स्कूलों ने इस नियम को अपनाया तो जरूर है, लेकिन इसे रोजाना अपडेट करने की जहमत नहीं उठाते। दरअसल, स्कूलों ने प्रिंसिपल रूम में एक चार्ट पर स्कूल टीचर की पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उसकी कक्षा का नाम लिखकर खानापूर्ति कर दी है। इस चार्ट से यह पता ही नहीं चल पाता कि कौन से विषय का शिक्षक आज अवकाश पर है। अगर कोई शिक्षक अवकाश पर चल रहा है तो उसकी जगह उसकी कक्षा कौन ले रहा है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने बताया कि अगर किसी स्कूल में 11वीं में इंग्लिश पढ़ाने वाले शिक्षक किसी कारणवश छुट्टी पर हैं, तो उस दिन उनके स्थान पर कौन क्लास ले रहा है। यह जानकारी किसी से पूछे बगैर ही बोर्ड से ही समझ में आ जानी चाहिए। छात्रों के परिजनों को अपने बच्चों को पढ़ाने वाले टीचर की जानकारी इसी बोर्ड से प्राप्त होनी चाहिए, लेकिन जिले के अधिकतर स्कूल इस नियम का गंभीरता से पालन नहीं कर रहे हैं।