जागरण संवाददाता, रोहतक : हुडा सिटी पार्क में पीजीटी फाइन आर्ट्स,
संगीत, गृह विज्ञान आदि विषयों के उम्मीदवार एकत्रित हुए। सभी उम्मीदवारों
ने बंद पड़ी शिक्षक भर्ती को लेकर रोष जताया।
फाइन आर्ट्स एसोसिएशन के
राज्य प्रधान दिग्विजय जाखड़ ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष
2014-15 में शिक्षा विभाग में विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग विषयों के पदों
के लिए आवेदन मांगे थे। लेकिन आज लगभग तीन वर्ष बाद भी पंजाबी आदि विषय के
उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी तो अन्यों को क्यों वंचित किया गया है। जाखड़
ने आरोप लगाया कि सरकार तथा आयोग जानबूझकर हमारी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया
को रोके हुए है। हरियाणा सरकार एवं हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग गंभीर नहीं
है।
दिग्विजय ने कहा कि सरकार स्कूलों में स्वीकृत पदों पर भी शिक्षक
नियुक्त नहीं कर रही जिसके चलते विषय चयन के समय विद्यार्थियों को जानबूझकर
एच्छिक विषय जैसे फाइन आर्ट्स, संगीत, मनोविज्ञान, सोशलोजी आदि नहीं लेने
दिया जा रहा। सरकार ने विद्यार्थियों को दिसंबर 2017 एचटेट का मौका दिया
नहीं बल्कि जबरदस्ती लिया है जो गलत है। सरकार ने अपनी तथा एनसीटीइ की
गाइडलाइंस के विरुद्ध जाकर परीक्षा का आयोजन किया। जिसके कारण परिणाम मात्र
0.83 प्रतिशत रहा है।
एसोसिएशन की सदस्य बबीता, ललिता कुमारी, सर्वेंद्र ने कहा कि सोमवार को
इस संबंध में उम्मीदवारों ने वर्ष 2017 के एचटेट के पाठ्यक्रम में नियमों
के विरूद्ध बदलाव को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में केस डालने
जा रहे हैं। अधिवक्ता तेजपाल ढुल ने बताया कि सूचना के अनुसार नियमों का
सरासर उल्लंघन हुआ है। इस अवसर पर रेनु, मनीषा, गीता, सुनील, पारूल,
मोनिका, एडवाइजर सुरजीत, खजांची रजनीश व सचिव संज आदि सहित अनेक उम्मीदवार
मौजूद रहे।