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आखिर कर ही दिया शिक्षा विभाग ने सुरिंद्र सिंह को रिलीव

चंडीगढ़(रश्मि) : देर से ही सही पर आखिर में शिक्षा विभाग ने बुधवार को गवर्नमैंट मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल सैक्टर-21 के प्रिंसीपल को रिलीव कर ही दिया है।


जो रिटायरमैंट के बाद एक वर्ष की एक्सटैंशन खत्म होने पर भी स्कूल में आकर अपनी हाजरी लगा रहे थे। गौरतलब है कि इस मुद्दे को ‘पंजाब केसरी’ टीम द्वारा उठाया गया था।

मार्च को प्रकाशित हुई खबर के चलते गवर्नर वी.पी सिंह बदनौर द्वारा शिक्षा विभाग के प्रिंसीपल सुरिंद्र सिंह को वापस भेजने के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार को सुरिंद्र सिंह को रिलीव कर दिया गया।

डैपुटेशन पर आए शिक्षकों को बैठे बिठाए भोजन परोस रहा विभाग :
सन 1993 में बनी डैपुटेशन पॉलिसी के नियमों अनुसार हर पांच साल बाद डैपुटेशन पूरी होने के बाद शिक्षक को अपनी पेरैंट स्टेट जाना होता है। इसके  साथ ही यदि किसी शिक्षक को प्रोमोशन देनी होती है तो वो भी शिक्षक को अपनी पेरैंट स्टेट में जाकर ही लेनी होती है।

लेकिन शिक्षा विभाग डैपुटेशन पर आए शिक्षकों को बैठे बिठाए भोजन परोस रहा है । इतना ही नहीं सुरिंद्र सिंह को तो एक्सटैंशन भी चंडीगढ़ में बैठे बिठाए ही दे दी गई है। जबकि सुरिंद्र  सिंह हरियाण से चंडीगढ़ डैपुटेशन  पर आए हैं।

28 फरवरी 2017 में हुए थे रिटायर :
यू.टी. कैडर एजुकेशनल इम्प्लायज यूनियन के प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज से सुरिंद्र सिंह द्वारा एक वर्ष की ओर एक्सटैंशन के लिए आवेदन किया गया था, जिसे नामंजूर का दिया गया है। बता दें कि सुरिंद्र सिंह पिछले वर्ष यानी 28 फरवरी 2017 में रिटायर हो गए थे।


रिटायरमैंट के चलते सुरिंद्र सिंह ने दो वर्ष की एक्सटैंशन के  लिए अप्लाई किया था, जिसके बाद उन्हें दो वर्ष की बजाय केवल एक वर्ष की ही एक्सटैंशन मिली थी। जो फरवरी 2018 में समाप्त हो चुकी थी। लेकिन उसके बाद भी सुरिंद्र सिंह स्कूल में लगाता आ रहा था। जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।

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