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पदोन्नति न होने से विज्ञान और गणित शिक्षकों में भारी रोष

रेवाड़ी। छह वर्षों से पदोन्नति की बाट जोह रहे विज्ञान और गणित शिक्षकों ने संशोधन के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करने पर भारी रोष जताया है। उल्लेखनीय है कि उक्त संशोधन के बाद प्रदेश सरकार के
शिक्षा मंत्री ने करीब एक वर्ष पहले विज्ञान और गणित अध्यापकों को आश्वासन दिया था कि वे प्राथमिकता के आधार पर उनकी पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ कराएंगे। एक वर्ष बीतने के बावजूद अभी तक संबंधित शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होने से वे मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं। हरियाणा विज्ञान एवं गणित शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री को नए सिरे से एक पत्र लिखकर विज्ञान अध्यापकों को तुरंत प्रभाव से पदोन्नत करने की मांग की है। संघ की जिला अनीता यादव ने बताया कि वर्ष 2012 में बनायी गयी शिक्षक पदोन्नति नीति में विज्ञान एवं गणित अध्यापकों के उस वर्ग के साथ भारी अन्याय किया जो बीएससी नॉन मेडिकल वर्ग से थे। उक्त नीति में संबंधित वर्ग के विज्ञान अध्यापकों को गणित प्राध्यापक तथा गणित अध्यापकों को भौतिकी व रसायन शास्त्र प्राध्यापक पद पर पदोन्नत करने से वंचित रखा गया। पूरे देश में संबंधित वर्ग की पदोन्नति होती रही हैं। यह आज भी जारी हैं। उन्होंने बताया कि लंबे संघर्ष और समय के बाद उक्त नीति में वर्तमान सरकार ने संशोधन तो किया किंतु संशोधन के बावजूद अभी तक पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करने से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। एक तरफ जहां उनकी वरिष्ठता प्रभावित हो रही है वहीं विभिन्न विषयों में उनके समकक्ष अध्यापक बहुत पहले पदोन्नति का लाभ उठाकर उनसे वरिष्ठ हो गए हैं। संघ ने शिक्षा मंत्री को करीब एक वर्ष पूर्व दिये गये अपने आश्वासन की याद दिलाकर विज्ञान एवं गणित अध्यापकों को प्राथमिकता से पदोन्नत करने की मांग दोहराई है।

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