जागरण संवाददाता, सोनीपत: आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए निजी
स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई मुहैया कराने के लिए नियम-134ए के तहत रविवार को
जिले के विभिन्न स्कूलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में विद्यार्थियों
ने परीक्षा दी। शहर व उपमंडलों के 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5982
विद्यार्थियों में से 148 अनुपस्थित रहे।
इस दौरान सोनीपत ब्लॉक में सबसे
अधिक 60 विद्यार्थी परीक्षा केंद्र में नहीं पहुंचे। दूसरी से आठवीं तक की
परीक्षा का रिजल्ट 18 अप्रैल जबकि नौवीं से ग्यारहवीं तक की परीक्षा का
रिजल्ट 20 अप्रैल को घोषित होगा।
परीक्षा में पास होने के लिए 55 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं। इसके बाद
जरूरी अंकों से नंबर लाकर मेरिट सूची में जगह बनाने वाले विद्यार्थियों को
उनकी पसंद का स्कूल मिल सकेगा। यह प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।
मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों द्वारा विकल्प के तौर पर चुने गए सभी
पांच स्कूलों में भी कोई खाली सीट नहीं बच पाती है तो उस स्थिति में जिला
शिक्षा विभाग की ओर से दोबारा काउंस¨लग कराई जाएगी।
रविवार को हुई परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान जिले
में सबसे अधिक दूसरी कक्षा के 969 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि
11वीं के केवल 45 विद्यार्थी ही परीक्षा में बैठे। परीक्षा पूर्ण रूप से
शांतिपूर्वक रही। सभी परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र व आधार कार्ड देखकर
परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया। गोहाना खंड के शिक्षा अधिकारी सुभाष
भारद्वाज, मुंडलाना खंड के अधिकारी परमजीत ¨सह चहल व कथूरा खंड के अधिकारी
कृष्ण चौधरी ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। खरखौदा में तो खंड
शिक्षा अधिकारी आदर्श सांगवान ने परीक्षा केंद्र के मैन गेट पर खड़े होकर
परीक्षार्थियों की जांच के बाद उन्हें अंदर भेजा। इसी के साथ शहर के एसएम
¨हदू स्कूल का जिला शिक्षा अधिकारी जिले¨सह ने निरीक्षण किया। वहीं जिला
मौलिक शिक्षा अधिकारी दयानंद आंतिल ने मुरथल अड्डा स्थित राजकीय कन्या
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व आर्य स्कूल में बने परीक्षा केंद्र का औचक
निरीक्षण किया। संपूर्ण जिले में नियम-134ए के तहत परीक्षाओं का संचालन
कार्य जिला खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने किया। सरकारी स्कूल
में पढ़ने वाले भी पहुंचे
जिले में ऐसे कुल 275 विद्यार्थी हैं जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे
हैं और नियम-134ए के तहत दाखिला लेने वाले हैं। इनमें से कुछ विद्यार्थी
रविवार को आयोजित परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचे। केंद्र पर
लगी लिस्ट में अपना रोल नंबर न पाकर वह घबरा गए। इसके बाद संबंधित
अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को यह
परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। उनके दाखिले उनके द्वारा दी गई वार्षिक
परीक्षा के आधार पर ही निजी स्कूलों में हो जाएंगे।