एनबीटी न्यूज, गुड़गांव
प्रदेश के सभी शिक्षक-प्रशिक्षण केंद्रों
को सरकार अपग्रेड करेगी। इसमें प्रत्येक जिले की शिक्षण एवं प्रशिक्षण
संस्थानों के साथ-साथ स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
सेंटरों को शामिल किया जाना है। यही नहीं ब्लॉक स्तर पर रिसोर्स सेंटर भी
कई बदलाव देखने को मिलेंगे। वहीं दो वर्षो में मौजूदा संस्थानों के खाली
पदों को भी भरा जाएगा।
दरअसल, स्कूली शिक्षा के ढांचे को मजबूती
देने में जुटी सरकार ने शिक्षकों की प्रशिक्षण व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त
बनाने का फैसला लिया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एकीकृत शिक्षा मिशन
के तहत शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों के कायाकल्प की प्लानिंग कर रही है।
इसके तहत देशभर के शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों को अब नए सिरे से अपग्रेड
किया जाएगा। एससीईआरटी डायरेक्टर ज्योति चौधरी का कहना है कि एससीईआरटी का
पूरा फोकस शिक्षकों को बेहतर ट्रेनिंग देने में होता है। हर वर्ष हजारों
शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार की कोशिश है कि
शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड किया जाए, ताकि इसका सीधा फायदा
बच्चों तक पहुंचे। वहीं प्रशिक्षण संस्थानों में इस समय कई खाली सीटें हैं,
जिससे इसका पूरा फायदा भी शिक्षकों को नहीं मिल पाता है। ऐसे में सभी
प्रशिक्षण संस्थानों के खाली पदों को भी जल्द भरने के लिए एमएचआरडी की ओर
से आदेश जारी किए गए हैं। स्कूली शिक्षा को और बेहतर करने के लिए इसका नाम
एकीकृत शिक्षा मिशन नाम दिया है। यह योजना राज्यों से शिक्षण प्रशिक्षण
केंद्रों की स्थिति को लेकर मंगाई गई रिपोर्ट देखने के बाद तैयार की है। इन
रिपोर्ट में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति बेहद खस्ताहाल बताई गई है।
एससीईआरटी, डायट, क्लस्टर रिसोर्स सेंटर संस्थान इस योजना में शामिल हैं।
मौजूदा समय में स्कूली शिक्षकों को प्रशिक्षण देने वाले प्रत्येक जिला स्तर
पर कार्य किया जा रहा है। वहीं अभी भी कई अप्रशिक्षित शिक्षक स्कूलों में
पढ़ा रहे हैं। इन शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम नए सेशन के साथ शुरू
किया जाएगा, जिसमें 50 फीसदी नए शिक्षक होंगे। वहीं पुराने शिक्षकों को
दूसरे और तीसरे चरण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।