केयू शिक्षक संघ (कुटा) की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने शिक्षक क्लब में
शुक्रवार को पहली आम सभा की बैठक हुई। इसमें चुनाव के दौरान सबसे चर्चित
रहे 7वें वेतन आयोग का मुद्दा कई शिक्षकों ने उठाया।
वहीं शिक्षकों ने कुटा के चार्टर ऑफ डिमांड को बनाने के लिए अपने-अपने
सुझाव दिए। शिक्षकों ने बैठक में कहा कि 7वें वेतन आयोग के सभी लाभ
शिक्षकों पर समान रूप से लागू करवाने का काम किया जाएगा। केयू में फाइव डे
वीक लागू करवाना, सभी शिक्षकों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, एसएफएस
शिक्षकों को बजटिड में समायोजित करने और शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार
होने के मामले में कड़ा फैसला लेने पर चर्चा हुई। कुटा प्रधान डॉ. परमेश
कुमार ने कहा कि 7वें वेतन आयोग का लाभ सभी विभागों के कर्मचारियों को मिल
चुका है, लेकिन यूनिवर्सिटी व कॉलेज शिक्षकों को इसका लाभ नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को साथ लेकर सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलाने
का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुटा के डिमांड चार्टर में सभी शिक्षकों के सुझावों को
शामिल किया जाएगा। ताकि उस डिमांड चार्टर को शिक्षकों के हित में लागू
करवाया जा सके। डॉ. परमेश कुमार ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को पूरा
करवाने के लिए शिक्षक आंदोलन के लिए भी तैयार रहें। कुटा सचिव डॉ. हरदीप
लाल जोशी ने बैठक में पहुंचने पर शिक्षकों का आभार जताया। सभा में उपप्रधान
डॉ. रंजना, सहसचिव डॉ. नीरज बातिश, कोषाध्यक्ष डॉ. सतीश, डॉ. कामराज संधू,
प्रो. रामनिवास, प्रो. जीपी दूबे, प्रो. मंजुषा शर्मा, डॉ. संतलाल, डॉ.
सुरेंद्र, डॉ. पंकज, डॉ. संजीव शर्मा और डॉ. जितेंद्र भारद्वाज मौजूद थे।