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स्कूल फॉर्म पर शिक्षा विभाग की सफाई, ये जानकारी देने के लिए छात्र नहीं बाध्य

कूल परफॉर्मा पर शिक्षा विभाग ने सफाई दी है. शिक्षा विभाग का कहना है कि पिछले 3 साल से इसी तरह के एडमिशन फॉर्म का फॉर्मेट है. लाभार्थी छात्रों को चिन्हित करने के लिए ये जानकारी मांगी जाती है. ये जानकारी देने के लिए कोई भी छात्र बाध्य नहीं है.


शिक्षा विभाग का कहना है कि ज्यादातर योजनाओं का लाभ जातिगत आधार पर दिया जाता है. शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि 2011 में तत्कालीन सरकार ने ये स्कॉलरशिप योजना तैयार की थी. योजना का लाभ देने के लिए अशुद्ध व्यवसाय की जानकारी मांगी है.


शिक्षा विभाग द्वारा जारी फॉर्म
शिक्षा विभाग द्वारा जारी फॉर्म


वहीं इनेलो नेता अभय चौटाला ने इस परफॉर्मा को लेकर खट्टर सरकार पर निशाना साधा है. चौटाला ने कहा कि खट्टर सरकार ने साढ़े 3 साल में विवाद ही खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा परफॉर्मा बनाने वाले अधिकारी पर होनी चाहिए कार्रवाई.

अभय चौटाला ने कहा कि खट्टर सरकार द्वारा हर विभाग में इस तरह बेतुके सवाल पूछे जा रहे हैं. आवेदन फार्म में कुछ सवालों से बच्चों पर मानसिक प्रभाव पड़ रहा है. इस मामले पर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से बात करूंगा.

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