सिरसा। आरक्षण रोस्टर का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण
यूजीसी ने सभी भर्तियां पोस्टपोन करने के निर्देश जारी किए थे। इसी के तहत
सीडीएलयू ने विश्वविद्यालय में करीब टीचर्स के 26 पदों और लाइब्रेरियन के
दो पदों के लिए मांगे आवेदनों को अनिश्चितकाल के लिए पोस्टपोन कर दिया है।
सीडीएलयू ने गुरुवार को ये अधिसूचना अपनी बेवसाइट पर अपलोड कर दी है। इन
पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2018 तक थी।
इससे पहले
सीडीएलयू में 2010 में टीचर्स के पदों को भरने के पद निकाले गए थे। उस समय
करीब 40 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद 2018 में ही प्रोफेसर,
एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के 26 खाली पदों के लिए आवेदन मांगे गए।
इसके साथ ही लाइब्रेरियन और डिप्टी लाइब्रेरियन के दो पद थे। विश्वविद्यालय
ने यह रिक्तियां जून में निकाली थी। इसके आवेदन की अंतिम तिथि पहले 12
जुलाई 2018 थी, लेकिन सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर के सुसाइड
के बाद कैंपस में कुछ दिन तक प्रशासनिक कामकाज ठप रहा। तब सीडीएलयू ने
आवेदन करने की तिथि 27 जुलाई तक बढ़ा दी थी। लेकिन यूजीसी ने आरक्षण रोस्टर
पर अंतिम निर्णय आने तक देश भर के सभी विश्वविद्यालयों से भर्ती प्रक्रिया
को स्थगित रखने को कहा है। विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर
रोस्टर का यह मामला मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
26 पद के लिए 310 ने किया है आवेदन
सीडीएलयू
में प्रोफेसर के 6 पद, एसोसिएट के 13 पद और असिस्टेंट प्रोफेसर के सात पद,
लाइब्रेरियन के एक पद, डिप्टी लाइब्रेरियन के एक पद के लिए आवेदन मांगे
थे। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए करीब 250, एसोसिएट के लिए 45 और प्रोफेसर के
लिए करीब 15 ने आवेदन किया है। लेकिन अब सीडीएलयू जब दोबारा से विज्ञापन
जारी करेगा तो पहले उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
कोट्स
यूजीसी
के निर्देश पर प्राध्यापकों के पद अस्थाई समय के लिए पोस्टपोन किए गए है।
जैसे ही आरक्षण रोस्टर पर फैसला आएगा, उसके बाद ही दोबारा ही प्रक्रिया
शुरू की जाएगी।
विजय कायत, वीसी, सीडीएलयू सिरसा।