तीन वर्ष से लंबित मांगें पूरी नहीं होने से टीजीटी, पीजीटी पात्र अध्यापक
संगठन हरियाणा के सदस्य जोगेंद्र सिंह और उनके कमेटी सदस्यों में रोष है।
उन्होंने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के कार्यालय में प्रदेश के
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
इसमें लंबित मांगों को शीघ्र
पूरा करने की मांग की गई। साथ ही संगठन ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की
सरकार आने के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 2015 में टीजीटी और पीजीटी
के विभिन्न विषयों के लगभग 12000 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। पूरे
प्रदेश से लाखों युवा अध्यापकों ने आवेदन किया था। इसके बाद लगभग 3 वर्ष से
अधिक का समय बीतने के बाद भी आयोग ने भर्ती को पूरा नहीं किया है, जबकि
शिक्षक भर्ती का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संगठन
पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन के बार-बार संपर्क करने के बाद भी आयोग की ओर
से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लाखों युवा पात्र अध्यापकों में रोष
है।
बादली. मंत्री धनखड़ के पीए को ज्ञापन सौंपते टीजीटी-पीजीटी पात्र अध्यापक संगठन के सदस्य।
26 जून से कुल्ला में धरना-प्रदर्शन जारी
टीजीटी-पीजीटी पात्र अध्यापक संगठन हरियाणा के बैनर तले मांगों के
समर्थन में 26 जून से कुल्ला में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी है।
यदि जल्द शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर ज्वाइनिंग नहीं दी जाती है तो
अध्यापक संगठन हरियाणा आने वाले चुनाव में भाजपा के विरोध में प्रचार
प्रसार करेगा। इस मौके पर मंजीत कादयाण, जोगेन्द्र देशवाल, बुधसिंह, राकेश,
नीतू, कौशल्या, कुल ज्योति, रचना हरिप्रकाश व अन्य सदस्य साथ रहें।
12 से पहले सभी विषयों की बची स्क्रूटनी हो
अध्यापक संगठन ने मांग की कि जिन विषयों पर किसी कारणवश रोक लगाई
गई है उसे तुरंत प्रभाव से हटवाया जाए। विभिन्न विषयों के आंसर की कोर्ट
केसों में उचित जवाब दायर कर उसे तुरंत प्रभाव से हल कराया जाए। टीजीटी
संस्कृत के जो पद रद्द किए गए हैं उन्हें जल्द दोबारा विज्ञप्ति देकर शामिल
किया जाए। जिन-जिन विषयों में साक्षात्कार संपन्न हो चुके हैं उनका अंतिम
परिणाम घोषित किया जाए। 12 जुलाई से पहले सभी विषयों की बची हुई स्क्रूटनी
करवाई जाए।