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डिजिटल कंटेंट शिक्षक व कक्षा की जगह नहीं ले सकता : ज्योति

भास्कर न्यूज| रोहतक डिजिटल कंटेंट शिक्षक या कक्षा की जगह नहीं ले सकता है। लेकिन इसे उपयोग में लाकर शिक्षक खुद को अपग्रेड भी कर सकते हैं ।
सुपवा में सोमवार से राज्य स्तरीय डिजिटल लर्निंग वर्कशॉप शुरू हुई। मुख्यातिथि उच्च शिक्षा विभाग की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ज्योति अरोड़ा ने प्रोफेसर्स को डिजिटल लर्निंग के फायदे बताए। सीइसी और यूजीसी ने मिलकर एक ई-कंटेंट तैयार किया है। इसमें शिक्षा के पुराने तरीकों में डिजिटल तकनीक का समावेश किया है। सुपवा के वीसी प्रो. राजबीर सिंह ने बताया कि कार्यशालाओं में हरियाणा के विभिन्न कॉलेजों से करीब 400 शिक्षक भाग लेंगे।

डिजिटल लर्निंग शिष्य और शिक्षक दोनों को करेगी डेवलप

वर्कशॉप में इग्नू के पूर्व प्रो. वाइस चांसलर प्रो. एमएम पंत ने कहा कि कक्षाओं के पुराने चाक-डस्टर तरीके से डिजिटल तकनीक में बदलने से किसी भी तरह से डरें नहीं। बल्कि यह शिक्षक और शिष्य दोनों के विकास में सहायक होगा।

शिक्षकों को ई-कंटेंट एक्सेस करने के बारे में बताया :श्रीनगर ईएमएमआरसी से डॉ. मंजूर शाह ने प्रतिभागियों को ट्रेनिंग दी। उन्होंने ई-कंटेंट को प्रतिभागियों के सामने एक्सेस करके उसे काम में लेना बताया।


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