जेएनएन, चंडीगढ़। इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा
सरकार पर सरकारी स्कूलों के निजीकरण की योजना बनाने के गंभीर आरोप लगाए
हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अध्यापकों व कर्मचारियों की नियमित भर्ती
के स्थान पर निजी कंपनियों की मार्फत अनुबंध आधार पर भर्ती की जाने वाली
है। दुष्यंत के अनुसार 19 प्राइवेट कंपनियों को भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी
गई है।
इनमें ज्यादातर कंपनियां गुजरात की हैं।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य के
रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत युवाओं में से सिर्फ 167 को सरकारी नौकरी
मिली है। आरटीआइ में मिली जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 12
जिलों में कुल 2,62,768 युवाओं का पंजीकरण रोजगार कार्यालयों में हुआ है।
इनमें से 290 युवाओं को रोजगार मिला, जबकि सरकारी नौकरियां 167 हैैं।
बेरोजगारों को 100 घंटे रोजगार देने को चलाई गई सक्षम योजना के तहत मात्र
9,948 युवकों को ही रोजगार मिल पाया है।
सांसद चौटाला के अनुसार प्राथमिक स्कूल में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के
लिए रिक्त पदों के विरुद्ध एक निजी कंपनी ने विज्ञापन भी जारी कर दिया है।
सरकार के इस निर्णय का असर प्राथमिक, उच्च, सेकेंडरी, आरोही व कस्तूरबा
गांधी बालिका विद्यालयों पर भी पड़ेगा। शुरू में ग्रुप सी व डी की भर्ती का
जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपा गया है। भविष्य में बाकी भर्तियां भी निजी
कंपनियों के जरिये कराई जा सकती हैं।
दुष्यंत ने बताया कि शिक्षा विभाग में भर्ती के लिए कंपनियों के साथ सात
वर्ष का अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध के तहत कंपनियों को कर्मचारी भर्ती
करने का अधिकार होगा और इसके बदले में कंपनियों को 2.01 फीसद कमीशन
मिलेगा। भर्ती होने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन दिया जाएगा।
सांसद के अनुसार राज्य में ग्रुप सी व डी की भर्ती के लिए हरियाणा
कर्मचारी चयन आयोग है। ऐसे में निजी फर्मों को करोड़ों रुपये की कमीशन देने
का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने आशंका जताई कि भर्ती में भाई-भतीजावाद व
संघवाद चलने वाला है।
चौटाला ने कहा कि यदि सरकार ने अपना यह निर्णय वापस नहीं लिया तो
न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की विफलता को
देखते हुए इनेलो जल्द ही युवाओं व बेरोजगारों के हक में 'रोजगार मेरा
अधिकार' मुहिम चलाएगी। उन्होंने मंत्री अनिल विज के खिलाफ 7 जुलाई को हिसार
कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराने संबंधी याचिका दाखिल की जाएगी।