-एक शिक्षक ने पत्र भेजकर सीबीएसई जांच कराने की मांग की
जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज में 8 जुलाई को
आयोजित नेट की परीक्षा में नकल का मामला एमएचआरडी में पहुंचा। खुद कॉलेज को
एक शिक्षक ने पत्र लिखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की जा रही जांच
पर संदेह जताया है।
शिक्षक का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में घटी
घटना को लेकर खुद कुवि प्रशासन भी नहीं चाहेगा कि उसकी किरकिरी हो। शिक्षक
का कहना है कि परीक्षा सीबीएसई की ओर से आयोजित की गई थी, इसलिए इसकी जांच
भी एमएचआरडी या सीबीएसई की केंद्रीय कमेटी से कराई जानी चाहिए।
इस मामले में छात्रों के गुमनाम पत्र के बाद यूनिवर्सिटी कालेज के
शिक्षक डॉ. एसपी गुप्ता सीधे तौर पर सामने आ गए हैं। उन्होंने एमएचआरडी को
भेजी शिकायत में सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस मामले
में जांच अथारिटी है ही नहीं। कुवि की ओर से बनाई गई जांच कमेटी अपने ही
शिक्षकों के खिलाफ जांच नहीं कर सकती। इसलिए इसकी जांच सीबीएसई से कराई
जाए।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज में नेट की परीक्षा
के दौरान नकल कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपित शिक्षक जहां इस
मामले को दबाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं वहीं यूनिवर्सिटी कॉलेज
के शिक्षक कॉलेज की बदनामी नहीं हो, इसके लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। कॉलेज
के शिक्षकों का कहना है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों
द्वारा परीक्षा में नकल कराने को लेकर पूरा हंगामा हुआ। इस बारे में केंद्र
अधीक्षक, कॉलेज के ¨प्रसिपल से लेकर कुवि के दूसरे अधिकारी भी वाकिफ हैं।
केंद्र के अधीक्षक को छोड़ दें तो इन अधिकारियों ने कुवि प्रशासन के सामने
अपना पक्ष भी रख दिया है। यहां तक कि सीसीटीवी कैमरे में कैद परीक्षा
केंद्र के अंदर घटना की फुटेज भी कुवि प्रशासन को सौंप दी है। डॉ. एसपी
गुप्ता द्वारा भेजी गई शिकायत पर यदि सीबीएसई द्वारा जांच कराई जाती है तो
कुवि के अंदर नकल कराने वाले बड़े रैकट का भी पर्दाफाश हो सकता है। गुमनाम
चिट्ठी के सहारे टिकी जांच कुवि प्रशासन की जांच पूरे मामले में एक गुमनाम
चिट्ठी के सहारे टिकी है। जिसमें कुछ छात्रों का जिक्र किया गया है।
छात्रों की ओर से यह चिट्ठी राज्यपाल, सीबीएसई, राज्य सतर्कता ब्यूरो,
मुख्यमंत्री और कुलपति को भेजी गई है। कुवि की ओर से जांच कमेटी भी इसी के
सहारे जांच को आगे बढ़ाएगी या नहीं, इस पर भी लोगों को संदेह है।
न शिकायत आई न सीबीएसई ने पूछा : नारायण ¨सह सीबीएसई की ओर से नियुक्त
जिला समन्वयक और गीता निकेतन आवासीय विद्यालय के प्राचार्य नारायण ¨सह का
कहना है कि उनके पास अब तक कोई शिकायत नहीं आई है कि इस प्रकार का कोई
मामला हुआ है। वे भी समाचारों में ही इस बारे में पढ़ रहे हैं। वहीं
सीबीएसई की ओर से भी उनके पास कोई ऐसी सूचना नहीं आई है। विश्वविद्यालय की
ओर से जांच कमेटी बनाने के मामले में उन्होंने कहा कि उनसे इस बारे में कोई
बात नहीं हुई है। कुवि प्रशासन अपने परिसर में क्या करता है, यह उनका
अधिकार है।