जेएनएन, हिसार : सेक्टर 27-28 में टूटी सडक़ों की मरम्मत करवाने व
सीवरेज और पेयजल सहित अन्य जरूरी सुविधाएं जुटाने के लिए 34.46 करोड़ रुपये
खर्च किए जाएंगे। इसके लिए हुडा द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह
जानकारी हुडा अधिकारियों ने आज जिला स्तरीय मासिक बैठक में उपायुक्त अशोक
कुमार मीणा को दी। मासिक बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों द्वारा करवाए जा
रहे कायरें, विभिन्न परियोजनाओं, सीएम विंडो, मुख्यमंत्री घोषणाओं के
अलावा विविध मामलों की समीक्षा की।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सेक्टर 27-28 में टूटी सडक़ों को ठीक
करवाने, पेयजल व सीवरेज तथा अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए हुडा
द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मागी तो अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए
34.46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सेक्टर में पानी की
बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए वर्तमान के अलावा 7 क्यूसिक पानी सिंचाई
विभाग से लिया जाएगा जिसकी स्वीकृति एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है।
उपायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सेक्टर के सुधार का कार्य
अक्तूबर माह के अंत तक शुरू नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त मीणा ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार के
निर्देशानुसार प्रत्येक सरकारी कार्यालय में केवल एलईडी लाइटों का ही
इस्तेमाल किया जाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए
कहा कि एक माह के भीतर किसी भी सरकारी कार्यालय में एलईडी के अलावा कोई
अन्य लाइट लगी दिखाई न दे। पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिकल शाखा के अधिकारी ने
बताया कि सभी विभागों में एलईडी लाइट लगवाने के लिए प्रदेश सरकार को 1.18
करोड़ रुपये की डिमाड भेजी गई थी जिसमें से 76 लाख रुपये की स्वीकृति मिल
चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के कायरें की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि
आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा
योजना का लाभ देने के लिए सभी तैयारिया समय पर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने
सिविल सर्जन डॉ. दयानंद से कहा कि वे क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट के तहत
50 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन करवाएं। उन्होंने कहा
कि जिला में हिसार, हासी, आदमपुर, बरवाला व नारनौंद के सरकारी अस्पतालों को
आयुष्मान योजना के तहत पैनल में शामिल किया गया है। जल्द ही निजी
अस्पतालों को भी पैनल में शामिल किया जाएगा जिसके लिए 11 अस्पतालों से
आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में एक बड़े स्तर का क्त्रिकेट स्टेडियम बनवाया
जाएगा जिसके लिए 50-60 एकड़ जगह का चयन एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी
द्वारा किया जा रहा है। जगह फाइनल होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट स्वीकृति
के लिए प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला में 10 करोड़
रुपये की लागत से टैगोर ऑडिटोरियम का भी निर्माण करवाया जाएगा जिसके लिए
जगह की तलाश के लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान हासी नगर परिषद में विभिन्न कायरें के लंबित होने के
कारणों पर चर्चा के दौरान बताया गया कि परिषद के एमई देवेंद्र गक्खड़ 15
दिनों से मेडिकल लीव पर हैं। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे
तीन चिकित्सकों का पैनल गठित करके एमई के घर भेजकर उनका मेडिकल करवाएं।
एमई की कोताही के चलते विकास कायरें को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
उपायुक्त ने जिला पुस्तकालय के सुधार के लिए की जा रही कार्रवाई की
रिपोर्ट मागी। उन्होंने बताया कि जिला पुस्तकालय को 51 लाख 33 हजार रुपये
की लागत से मॉडर्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला पुस्तकालय में
विद्यार्थियों व शहरवासियों को डिजिटल सुविधाएं व आधुनिक सेवाएं मिलेंगी।
उन्होंने गाव स्याहड़वा में 3 करोड़ रुपये से बनने वाले नए स्कूल भवन का
कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सक्षम योजना, सरल प्रोजेक्ट,
खुले में शौच मुक्ति अभियान, समाज कल्याण विभाग, पशुपालन विभाग, विद्युत
विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, जन वितरण प्रणाली, कानून व्यवस्था, सडक़
सुरक्षा कमेटी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र, प्रशिक्षु
कार्यक्त्रम, विकास परियोजनाओं, सीएम घोषणाओं तथा सीएम विंडो की प्रगति की
समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी उन्हें दिए जाने वाले निर्देशों
की अनुपालना करते हुए तय समय में इसकी रिपोर्ट उनके कार्यालय में भिजवाना
सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शिवचरण, सीटीएम शालिनी चेतल, बरवाला एसडीएम
पृथ्वी सिंह, हिसार एसडीएम परमजीत, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. जयवीर
यादव, जिला परिषद के सीईओ विकास यादव, सिविल सर्जन डॉ. दयानंद, डीआरओ
राजेंद्र सिंह, डीडीपीओ अश्वीर सिंह, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. साहिब
गोदारा, उद्योग विभाग के उपनिदेशक गुरप्रताप सिंह, एक्सईएन जसवंत सिंह व
जिला परियोजना अधिकारी डॉ. राजकुमार नरवाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी
मौजूद थे।