नेशनल एचीवमेंट सर्वे, स्टूडेंट एसेसमेंट टेस्ट और अन्य परीक्षाओं में जिले का कमजोर प्रदर्शन पाए जाने पर उच्चाधिकारियों ने चिंता जताई है।
सरकारी स्कूल के बच्चों का परिणाम सुधारने के लिए अब 50 विषय एक्सपर्ट शिक्षकों का रिसोर्स ग्रुप बनाया जाएगा, जो टेस्ट के लिए दिए जाने वाले प्रश्नपत्र के फार्मेट का अध्ययन कर उसे विद्यार्थियों को समझाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है कि बीते कुछ माह में हुए टेस्ट में पूछे जाने वाले सवालों के विजुअल और कन्वरजेशन फार्मेट सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए परेशानी का सबब बने। सवाल का हल जानते हुए भी बच्चों ने भ्रमित होकर सवाल हल किए बिना छोड़ दिया।
परीक्षाओं में जिले का कमजोर प्रदर्शन रहने पर उच्चाधिकारियों ने बनाई प्लानिंग
उच्चाधिकारियों को फीडबैक भेजा
उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में जिले के शिक्षा अधिकारियों ने यह तर्क दिया है। ऐसा नहीं है कि यह तर्क सिर्फ रोहतक जिले से गया हो, बल्कि प्रदेश के कई जिलों से अधिकारियों ने यह फीडबैक भेजा है। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने 50 टीचरों का ऐसा रिसोर्स ग्रुप तैयार करने का फैसला लिया है, जो नेशनल एचीवमेंट टेस्ट, सक्षम योजना के अंतर्गत एग्जाम व सेट एग्जाम के फार्मेट से लेकर आने वाली समस्याओं पर काम करेगा ताकि भविष्य में होने वाले एग्जाम में सरकारी स्कूल के विद्यार्थी फार्मेट के उलझन में न फंसे।
पहले चरण में 80 शिक्षक होंगे शामिल, बाद में 50 का चयन
शिक्षा विभाग के अनुसार पहले चरण में 40 महिलाओं और 40 पुरुष टीचरों की सूची तैयार की जा रही है। जिसमें उन शिक्षकों को ग्रुप में रखा जाएगा, जो शिक्षा के अलावा किसी अन्य गतिविधियाें में शामिल न होते हों। ग्रुप की खासियत यह होगी कि सूची में शामिल शिक्षक संबंधित विषय में गहनता से रिसर्च करेगा और एग्जाम से संबंधित सभी समस्याओं व उनके हल से भी रूबरू होगा। इनमें से बाद में 50 का चयन होगा।
रिसोर्स ग्रुप की खासियत
रिसोर्स ग्रुप में शामिल टीचर अपने विषय के एक्सपर्ट होंगे
अपने-अपने विषय के टीचर प्रश्नपत्र नए-नए फार्मेट में बनाएंगे
एग्जाम से संबंधित बच्चों को कौन सी दिक्कतें आ रही हैं, उसे तलाशेंगे
स्टूडेंट, टीचर व अभिभावकों में कहां और किस स्तर पर कितना अंतर आ रहा है, इस पर ग्रुप के सदस्य काम करेंगे। परीक्षा में किन नियमों का बदलाव होना है, ये शिक्षक तय करेंगे।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे की समीक्षा में पांचवीं व आठवीं कक्षा के बच्चे नए फार्मेट में उलझ गए थे। इससे उन्हें सवालों का सही जवाब आते हुए भी वे हल नहीं कर सके। जिले का रिजल्ट संतोषजनक नहीं रहा। अब उच्चाधिकारियों ने रिजल्ट सुधारने के लिए 50 शिक्षकों का रिसोर्स ग्रुप तैयार करने का फैसला लिया है। जिले से टीचरों की लिस्ट भेजी हुई है। -सुरेश कुमार हुड्डा, एपीसी, समग्र शिक्षा अभियान
गणित व विज्ञान में कमजोर
पाए गए थे विद्यार्थी
नवम्बर 2017 में हुए नेशनल एचीवमेंट सर्वे के दौरान टेस्ट में रोहतक जिले के सरकारी स्कूल के बच्चों का प्रदर्शन कमजोर मिला था। 5वीं व 8वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी गणित व विज्ञान विषय में कमजोर पाए गए थे। तीसरी कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों का परिणाम संतोषजनक आया। लेकिन उम्मीदों पर वे भी खरे नहीं उतर पाए थे। इसे लेकर सरकार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने चिंता जाहिर की थी।