अमर उजाला ब्यूरो फतेहाबाद । सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में
स्थित सरकारी संस्थानों डाइट में जेबीटी कोर्स में दाखिले बंद करने के
निर्णय का विरोध दिनोंदिन तेज होता जा रहा है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
ने सरकार के इस निर्णय को गरीब विरोधी व निजीकरण से प्रेरित फैसला बताते
हुए इसका पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया है। संघ की जिला कार्यकारिणी की
सोमवार को भूना में हुई बैठक में सरकार के इस निर्णय की जमकर निंदा की गई।
संघ के मुख्य राज्य सलाहकार देवेंद्र दहिया ने कहा कि इससे गरीब व
प्रतिभाशाली छात्र अध्यापक बनने से वंचित हो जाएंगे। सरकारी संस्थानों में
जेबीटी कोर्स करने की फीस से निजी संस्थानों की फीस 20 गुणा अधिक है। ऐसे
में सरकार के इस निर्णय से गरीब व मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए तो जेबीटी
कोर्स करके अध्यापक बनना संभव ही नहीं रह जाएगा।
जिला प्रधान विकास
टुटेजा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय सीधे-सीधे निजी डीएड कॉलेजों को फायदा
पहुंचाने की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संघ सरकार के इस निर्णय
का जमकर विरोध करेगा और 17 अगस्त को जिला मुख्यालय पर रोष प्रदर्शन कर
ज्ञापन सौंपेगा। बैठक में भूना खंड प्रधान आलोक कुमार ने टीजीटी इंग्लिश
पदोन्नति कोटे के पूर्ण पद भरने, जिला स्थानांतरण नीति में संघ के सुझावों
को शामिल करने, एनिवेयर जेबीटी की समस्या हल करने, बिजली बिलों के भुगतान
की एकीकृत प्रणाली विकसित करने, बच्चों की वर्दी एवं प्रोत्साहन राशि
अविलंब प्रदान करने की मांग की। बैठक में संघ के सदस्यता अभियान की
समीक्षा, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की नवंबर मास में बिहार के
बोधगया में होने वाली कान्फ्रेंस में प्रतिभागियों की सूची, 5 सितंबर को
रक्तदान कैंप का आयोजन आदि मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला
कार्यकारिणी सदस्य भजन कंबोज भूना, महेश ललित, जयप्रकाश गोरछिया, नरेश
कुमार यादव फतेहाबाद खंड प्रधान, अश्विनी कुमार, कोषाध्यक्ष कृष्ण कुक्कड़,
खंड भूना सचिव राकेश मदान, राजकुमार, गुलाब सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों
मौजूद रहे।