जासं, गुरुग्राम: उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अपनी पॉलिसी के तहत आठ अगस्त
को प्राचार्यों का तबादला किया था। इसके तहत जिले के सभी कॉलेजों के
प्राचार्यों का ट्रांसफर कर दिया गया था।
जिसके खिलाफ शहर के सेक्टर 14
स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुशीला शर्मा पंजाब-
हरियाणा हाइकोर्ट में चली गई थी। इस मामले में हाइकोर्ट से उन्हें स्टे मिल
गया है। सोमवार से दोबारा महिला महाविद्यालय में ज्वाइन कर लिया है। डॉ.
सुशीला शर्मा ने बताया कि उनकी सेवानिवृत्ति को महज नौ महीने बाकी हैं।
उच्चतर शिक्षा विभाग के नियमानुसार यदि किसी प्राचार्य की सेवानिवृत्त को
एक साल बाकी रहता है तो वह अपनी मर्जी से ही ट्रांसफर करवा सकता है। यदि
प्राचार्य ट्रांसफर नहीं चाहता है तो उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।