चंडीगढ़, 1 अक्तूबर (ट्रिन्यू)
हरियाणा के अतिथि अध्यापकों का वेतन तो सरकार ने बढ़ा दिया, लेकिन दो माह की देरी से। बढ़ोतरी का वादा तो पहली जुलाई से हुआ था, लेकिन मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी की गई चिट्ठी में पहली सितंबर से अतिथि अध्यापकों के वेतन बढ़ोतरी के आदेश लागू होंगे। वहीं अतिथि अध्यापकों को एलटीसी देने से जुड़ी फाइल अभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है।
संवैधानिक तौर पर सीएम एलटीसी में बढ़ोतरी का ऐलान कर चुके हैं, लेकिन तकनीकी खामियों को दूर किए बिना यह राहत शिक्षकों को मिलने वाली नहीं। सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) की ओर से जारी किए गए ताजा आदेश में भी विभाग को सुझाया गया है कि पहले मुख्य सचिव द्वारा 21 अप्रैल, 2010 को जारी की गई चिट्ठी एवं हिदायतों का अध्ययन करे। इसके बाद ही इस संदर्भ में कोई फैसला लिया जाएगा।
हरियाणा में अतिथि अध्यापकों की भर्ती पूर्व की हुड्डा सरकार ने 2005-06 के दौरान की थी। वर्तमान में भी 13 हजार 785 अतिथि अध्यापक सरकारी स्कूलों में सेवारत हैं। इनमें स्कूल कैडर लेक्चरर के अलावा मास्टर और जेबीटी टीचर शामिल हैं। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में इन शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कानूनी अड़चनों के चलते सरकार शिक्षकों को चाहते हुए भी नियमित नहीं कर पा रही।
जनवरी में हुआ था समझौता
अतिथि अध्यापकों के लम्बे आंदोलन के बाद इसी वर्ष जनवरी माह में एसोसिएशन पदाधिकारियों की सीएम मनोहर लाल खट्टर से वार्ता हुई थी। इसी दौरान शिक्षकों को पहली जुलाई, 2018 से वेतन में इजाफा, एलटीसी और महिला शिक्षकों को छुट्टियों का लाभ दिए जाने पर सहमति बनी थी।
अब शिक्षा विभाग ने वेतन बढ़ोतरी की चिट्ठी तो जारी कर दी, लेकिन उन्हें पहली जुलाई की बजाय पहली सितंबर से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। महिला शिक्षकों की छुट्टियां भी पंद्रह से बढ़ाकर 20 की गई हैं।
सीएमओ ने एलटीसी पर मांगी रिपोर्ट
सीएमओ ने शिक्षकों की एलटीसी मंजूर करने को लेकर विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि पहले वे अप्रैल-2010 में मुख्य सचिव द्वारा जारी की गई चिट्ठी का अध्ययन करें। अगर इन निर्देशों में एलटीसी को मंजूर किया गया है तो एलटीसी बजट मंजूर करवाने के लिए मुख्यमंत्री के पास केस भेजें। अगर एलटीसी मंजूर होती है तो शिक्षकों को 2016-19 के ब्लॉक के तहत एलटीसी का लाभ मिलेगा। चार वर्षों में एक बार एलटीसी दिए जाने का प्रावधान है।
लेक्चरर को अब 36 हजार
सरकार द्वारा की गई वेतन बढ़ोतरी के बाद अब स्कूल कैडर के लेक्चरर को 36 हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इससे पूर्व वे 29 हजार 715 रुपय वेतन ले रहे थे। जेबीटी शिक्षकों के वेतन को 21 हजार 715 से बढ़ाकर 24001 और मास्टरों के वेतन को 24 हजार 1 से बढ़ाकर 26 हजार रुपये किया गया है। इस समय सरकारी स्कूलों में 13 हजार 785 अतिथि अध्यापक कार्यरत हैं।
“जनवरी में मुख्यमंत्री के साथ वेतन, एलटीसी और छुट्टियों को लेकर सहमति बनी थी। पहली जुलाई, 2018 से वेतन बढ़ाने का ऐलान सीएम ने किया था लेकिन विभाग ने सितंबर से बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है। इसका विरोध होगा।”
-इंद्रजीत अहलावत, अतिथि अध्यापकों की एसोसिएशन के प्रधान