अमृतसर(दलजीत): शिक्षा विभाग में काम कर रहे 5178
अध्यापकों को पिछले 1 वर्ष से वेतन नहीं मिला है। अध्यापकों ने आज अपने
परिवारों सहित मांगों के संबंध में शिक्षा मंत्री ओम प्रकाश सोनी के घर के
बाहर जमकर रोष प्रदर्शन किया।
इस रोष प्रदर्शन में 5178 अध्यापक यूनियन के
जिला अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर,
नवां शहर सहित अन्य जिलों के अध्यापक अपने परिवारों सहित पहुंचे हुए थे।
इस अवसर पर यूनियन के प्रधान जसविन्द्र सिंह औजला व अमरप्रीत ने बताया
कि उक्त वर्ग के अध्यापक सभी योग्यताएं पूरी करते हैं। सरकार द्वारा 2011
में अध्यापक योग्यता परीक्षा (टैट) पास करके उन्हें शिक्षा विभाग में
मंजूरशुदा पोस्टों पर 5178 अध्यापकों की नवम्बर 2014 में भर्ती की थी।
सरकार द्वारा 6 हजार रुपए वेतन देकर 3 वर्ष उक्त अध्यापकों पर ठेके की शर्त
पूरी करने के उपरांत सेवाएं रैगुलर करने की बात कही थी। वर्ष 2017 में 3
वर्ष अध्यापकों के सेवाएं देते हुए पूरे हो गए हैं लेकिन अभी तक सरकार
द्वारा उक्त अध्यापकों को रैगुलर नहीं किया गया है तथा महंगाई के दौर में 6
हजार रुपए वेतन पर ही अध्यापक काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की नालायकी के कारण पूरे पंजाब में 5178
अध्यापकों को पिछले 1 वर्ष से वेतन भी नहीं मिला है। सरकार वैसे तो
कर्मचारियों के हक की बातें करती है परन्तु कांग्रेस सरकार असल में सरकारी
कर्मचारियों का शोषण कर रही है। चुनाव में किया गया कर्मचारियों का कोई भी
वायदा पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों के रोष को देखते हुए शिक्षा
मंत्री ने अपने घर पर यूनियन के नेताओं को बुलाया तथा उनको 4 अक्तूबर को
मीटिंग का समय देते हुए चंडीगढ़ बुलाया है।
ये हैं मुख्य मांगें
*5178 अध्यापकों को नवम्बर 2017 से पूरे स्केल के अनुसार लाभ दिए जाएं।
*अध्यापकों की सेवाएं रैगुलर की जाएं तथा नोटिफिकेशन तुरंत जारी किया जाए।
*अध्यापकों पर दर्ज एफ.आई.आर. रद्द की जाए।
*अध्यापकों के रुके वेतन जल्द रिलीज किए जाएं।