चंडीगढ़ [सुधीर तंवर]। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे ज्यादातर सरकारी स्कूलों के छात्र टेंशन में हैं कि परीक्षाओं में उनकी नैया कैसे पार लगेगी। खासकर दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे बच्चों को समझ ही नहीं आ रहा कि बगैर अध्यापकों के परीक्षा की तैयारी करें तो करें कैसे।