सुरेश मेहरा, भिवानी :
विद्यार्थियों का लर्निग लेवल सुधारने और डिजिटल इंडिया से जोड़ने के
लिए वर्ष 2007 में स्कूलों में 90 करोड़ रुपये की लागत से 9000 एजुसेट
सिस्टम लगाए गए थे। सुविधाओं का टोटा ऐसा हुआ कि साल दर साल ये ठप होते चले
गए। कई चोरी हो गए तो अनेक अब स्कूलों में धूल फांक रहे हैं।