टेट पास बेरोजगार बीएड अध्यापकों का संघर्ष दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा
है और राज्य सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। आठ सितंबर से जिला प्रबंधकीय
कांप्लेक्स के गेट पर पक्का मोर्चा लगाए बैठे बेरोजगार बीएड अध्यापकों ने
रविवार को संगरूर-बरनाला रोड पर करीब एक घंटा जाम लगाया और शिक्षा मंत्री
विजयइंद्र सिंगला का पुतला जलाकर नारेबाजी की।
इस मौके पर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह ढिल्लवां ने कहा कि वह
पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और 8 सितंबर से
संगरूर में पक्का मोर्चा लगाए बैठे हैं लेकिन सरकार व शिक्षा विभाग उनकी
मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा। इससे बेरोजगार बीएड अध्यापकों में सरकार
और शिक्षा मंत्री के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांगों को
मनवाकर ही दम लेंगे चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी
पड़े। उन्होंने कहा कि 27 अक्तूबर को शिक्षा मंत्री की कोठी तक रोष मार्च
करते हुए काली दिवाली मनाएंगे। अपनी मांगों का जिक्र करते उन्होंने कहा कि
15 हजार अध्यापकों की भर्ती का इश्तहार जारी किया जाए, 55 फीसदी की शर्त
खत्म की जाए और आयु सीमा 42 साल की जाए। इस मौके पर पंजाब स्टूडेंट्स
यूनियन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलविंदर नदामपुर, आर्ट एंड क्राफ्ट
यूनियन के अध्यक्ष हरजिंदर झुनीर, टेट पास बेरोजगार बीएड अध्यापक यूनियन के
नेता युद्धजीत बठिंडा, नवजीवन सिंह, संदीप गिल, अमनसेखा, जग्गी जोधपुर,
अमन सेखा, जसविंदर शाहपुर, रणबीर नदामपुर, गुरप्रीत बठिंडा, बीरबल सिंह और
गुरवीर लेहल मौजूद थे।